Wednesday, March 4, 2026
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हड्डियों में लगातार दर्द रहने पर कराएं जांच : डॉ. लोकेश

  • शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है टीबी, लक्षण नजर आने पर जांच जरूर कराएं

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: टीबी केवल फेफड़ों में ही नहीं होती है, बल्कि यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है। यदि लंबे समय तक हड्डियों में दर्द रहे तो टीबी की जांच करानी चाहिए, इस तरह के लक्षण हड्डियों की टीबी (बोन टीबी) में भी हो सकते हैं। इसमें लापरवाही न करते हुए तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश चंद गुप्ता ने दी।

डा. लोकेश ने बताया जनवरी 2022 से अब तक करीब 8089 टीबी रोगी नोटिफाई किये जा चुके हैं। इसमें सरकारी स्तर पर 7010 और निजी स्तर पर 1075 रोगी नोटिफाई किये गये हैं। इस दौरान करीब 3273 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीज के खाते में उपचार चलने तक 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं, यह राशि मरीज के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है।

उन्होंने बताया -यदि कोई मरीज पीठ दर्द या अन्य जोड़ों के दर्द से परेशान है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत टीबी जांच केंद्र पर जांच करवानी चाहिए। यह बोन टीबी भी हो सकती है। उन्ंहोंने बताया – टीबी दो प्रकार की होती है। पल्मोनरी और एक्स्ट्रापल्मोनरी। जब टीबी फेफड़ों के अलावा शरीर के किसी अन्य अंग में होती है तो इसे एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी कहते हैं। उन्होंने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु के कारण होता है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। शरीर के अन्य अंगों में भी टीबी हो सकती है।

हड्डियों में लगातार दर्द बोन टीबी के संकेत हो सकते हैं ऐसे में तुरंत जांच करवानी चाहिए। बोन टीबी की विभिन्न श्रेणियां होती हैं, जैसे रीढ़ में, कूल्हे के जोड़ में, कोहनी में, घुटने के जोड़ में, टखने के जोड़ में एवं ऊपरी भाग में । विभिन्न प्रकार की हड्डी की टीबी के लिए अलग-अलग उपचार की विधि उपलब्ध हैं। जनपद में इस साल बोन टीबी के अभी तक पांच मरीज मिले हैं जो उपचार के बाद ठीक हो गए हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक सहबान उल हक ने कहा -टीबी का उपचार लंबा होता है। रोगी को बीच में इसका उपचार नहीं छोड़ना चाहिए।

टीबी के लक्षण

जिला पीपीएम समन्वयक प्रवीण कुमार ने बताया कि दो सप्ताह या इससे अधिक समय तक खांसी आना, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी.कभी खून आना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना, वजन कम होना और भूख न लगना टीबी के लक्षण हैं।

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