जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: नगर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में संपन्न हुई भाकियू की मासिक पंचायत में किसानों से दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई। पंचायत में डाउन लॉकडाउन के दौरान बंद रहे स्कूलों द्वारा फीस वसूले जाने पर रोष जताया गया।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन की सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में मासिक पंचायत संपन्न हुई । रामपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कृषि कानूनों के साथ ही किसानों की स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन के चलते लगभग 11 महीने तक स्कूल कॉलेज पूरी तरह से बंद रहे हैं। स्कूल खुलते ही स्कूलों के संचालक अभिभावकों पर बंदी की अवधि की फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं जिसे भारतीय किसान यूनियन किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेगी।
किसान नेताओं ने ऐसे स्कूल संचालकों से अवधि के दौरान की फीस वसूलने की अपील की। वक्ताओं ने सरकार द्वारा थोपे जा रहे कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के किसानों से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील भी की।
वक्ताओं ने सरकार द्वारा गन्ने के दाम न बढ़ाए जाने को किसानों के साथ अत्याचार बताया। वक्ताओं का कहना था कि सरकार ने किसानों के गन्ने के दाम नहीं बढ़ाए हैं जिससे किसानों को उसकी लागत भी वसूल नहीं हो रही है।
वक्ताओं ने सरकार से ₹450 प्रति कुंतल की दर से गन्ने का भुगतान दिलाने की अपील की । वक्ताओं ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में शुरु किया गया आंदोलन अपने मुकाम पर निश्चित पहुंचेगा। सरकार काले कानून वापस लेगी इसके बाद ही किसानों का आंदोलन समाप्त होगा।
मासिक पंचायत को लुधियाना सिंह, दलेल सिंह, रामफल सिंह, ऋषिराम सिंह, दीपक कुमार, विजेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, राजवीर सिंह, हेमेंद्र फौजी , हशीमुद्दीन ,चंद्रपाल सिंह, परम सिंह, योगेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया।

