Thursday, April 25, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutपुस्तक में लेखक ने पिंकी को बना दिया ऋतु

पुस्तक में लेखक ने पिंकी को बना दिया ऋतु

- Advertisement -
  • परिषदीय विद्यालय में करोड़ों बच्चों को गलत पढ़ाया जा रहा
  • विभागीय जिम्मेदारों का नहीं कोई ध्यान
  • लेखक और प्रकाशक की लापरवाही के कारण भारी चूक
  • अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए विभागीय अधिकारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: परिषदीय विद्यालय की कक्षा-3 की अंग्रेजी की पुस्तक में लेखक व प्रकाशक की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जहां लेखक ने पिंकी व आंटी की बातचीत में ऋतु को गलत तरीके से शामिल किया। जबकि, ये गलती अगर शिक्षक ने करी होती तो शायद शिक्षक को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ता। या फिर उसे निलंबत कर दिया जाता। लेकिन, इस गलती ने सिस्टम से लेकर विभागीय अधिकाािरयों, लेखक व प्रकाशक पर कई सवाल खड़े कर दिए है।

जिसका खामियाजा करोड़ों गरीब बच्चों को गलत जानकारी पाकर उठाना पड़ता है। परिषदीय विद्यालय में जो पुस्तके हर वर्ष निश्शुल्क वितरित की जाती है। इन पुस्तकों को वितरण करने से पहले कई पैनल से गुजरना पड़ता है। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की उक्त लापरवाही ने यह साफ कर दिया है कि पुस्तकों के प्रशासक और वितरण से पहले विभागीय अधिकारियों के गहनता से जांच नहीं की गई है। इस लापरवाही के कारण हजारों व लाखों बच्चों को गलत पढ़ाया जा रहा है।

बता दें कि प्रदेश सरकार हर वर्ष पाठय पुस्तक विभाग शिक्षा निदेशालय (बेसिक) देखकर रेख में प्रदेश के कई करोड़ बच्चों को निश्शुल्क पुस्तक वितरण करने के लिए टेडर देती है। वहीं, उत्पादन विभाग से लेकर प्रकाशक की यह जिम्मेदारी होती है कि वे पुस्तक की गहनता से जांच कर प्रकाशिक व प्रशारित करें। बावजूद इसके परिषदीय विद्यालय की कक्षा-3 में पढ़ाई जाने वाली अंग्रेजी के अध्याय 8 में भारी लापरवाही देखने को मिली है।

यह पुस्तक सत्र 2023-24 की संशोधित पुस्तक है। जिसके प्रकाशक आॅस्टर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स मथुरा हैं। उक्त पुस्तक के मुद्रक दीपक प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स हल्द्वानी नैनीताल है। जहां उन्होंने वर्तमान सत्र में परिषदीय विद्यालयों में उक्त पुस्तक में गलत जानकारी प्रकाशिक की है। अगर जिले की बात करें तो जिले में करीब डेढ़ लाख पुस्तके परिषदीय विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को दी गई है।

लेकिन, इस लापरवाही ने जिले स्तर से लेकर विभागी अधिकारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों से जब इस संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया तो सामने आया कि उक्त पुस्तक में उनकी कोई लापरवाही नहीं होती है और न ही उनकी इसमें कोई जिम्मेदारी है। जब इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका है।

ये है मामला

कक्षा-3 के अध्याय 8 में आइए कुछ कार्य करें पाठ में यह दिखाया गया है कि पिंकी व आंटी के बीच फोन पर बातचीत होती है।

पिंकी : नमस्ते! नमस्ते आंटी।

आंटी: नमस्ते।

पिंकी: मैं पिंकी हूं, ऋतु की दोस्त।

आंटी : कैसी हो पिंकी?

पिंकी : मैं ठीक हूं, धन्यवाद।

पिंकी: क्या मैं रितु से बात कर सकता हूं?

आंटी: वो सो रही है।

ऋतु : मैं बाद में कॉल करूंगी।

आंटी: ठीक है! ऋतु।

ऋतु : अलविदा आंटी।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments