Saturday, March 7, 2026
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आतंकी हमले में घायल मेडिकल में तड़पता रहा, नहीं दिया उपचार

  • एक बार देखकर दोबारा नहीं आए अधिकारी, मेडिकल कालेज में कर्मियों ने पैसे भी लिए

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जम्मू कश्मीर के रियासी में पिछले दिनों आतंकी हमले में घायल दौराला के पवन एलएलआरएम मेडिकल कालेज में उपचार की जगह मानो यातनाएं दी गर्इं। वह कई दिनों तक तड़ता रहा, लेकिन उसे उचित उपचार नहीं दिया गया। चिकित्सकों ने कभी घाव को नहीं देखा। पट्टी बांधने के अलावा कुछ नहीं किया गया। आखिरकार टांग में करीब डेढ़ लीटर पस भर गया, उसकी टांग काटने की नौबत आ गई, लेकिन मेडिकल कालेज के चिकित्सकों को उस पर तरस नहीं आया। हद तो यह है कि उक्त मरीज से कर्मियों ने पैसे भी लिए। अधिकारियों ने भी एक बार देखने के बाद दोबारा मुंड़कर नहीं देखा।

गत दिन जम्मू कश्मीर के रियासी में आतंकियों ने तीर्थयात्रियों से भरी बस में हमला किया था। बस अनियंत्रित होकर 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। इनमें मेरठ के तीन तीर्थयात्री सवार थे। तीनों को एलएलआरएम मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ ने घायलों का उपचार कराने के आदेश दिए थे। डीएम दीपक मीणा, सीएमओ डा. अखिलेश मोहन आदि अधिकारियों ने मेडिकल कालेज पहुंचकर घायलों का हाल जाना था और उनके इलाज अच्छे से अच्छा करने के निर्देश मेडिकल कालेज के प्राचार्य को दिए थे।

घायलों में सबसे अधिक गंभीर घायल पवन पुत्र हरपाल निवासी दौराला गंभीर रूप से घायल था। उसकी टांग का आॅपरेशन जम्मू कश्मीर के अस्पताल से करके भेजा गया था। मेडिकल कालेज में वह कई दिन तक तड़पता रहा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। पवन के जीजा दीपक ने बताया कि गत 12 जून को पवन को मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया था। तब अधिकारी वहां आए, लेकिन उसके बाद कोई नहीं आया। हद तो ये है कि मेडिकल कालेज के प्राचार्य तक उसे देखने एक भी दिन नहीं आए। पवन हर पल दर्द से तड़पता रहा। जब भी उन्होंने डाक्टर से कहा तो फिजीशियन ने यह केस सर्जन का बताया तो सर्जन ने आर्थोपेडिक सर्जन का कहकर टाल दिया।

इलाज के नाम पर सिर्फ पट्टी की गई। दीपक का आरोप है कि कर्मचारियों ने पवन को यूरीन या शौच कराने तक के पैसे लिए। पवन कई दिन तक तड़पता रहा, वे मदद के लिए डाक्टर व कर्मचारियों से गुहार करते रहे, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने शास्त्रीनगर के रंगोली रोड स्थित सुधा हॉस्पिटल में पवन को शनिवार को भर्ती कराया। यहां डा. अमित गुप्ता ने आपरेशन करके टांग से करीब डेढ़ लीटर पस निकाला। दीपक का कहना है कि अब बहुत आराम है। सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल होने पर मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डा. सुधीर कुमार उक्त नर्सिंग होम पहुंचे और पवन का हाल जाना। उन्होंने बताया कि डा. अमित गुप्ता का कहना था कि टांग में इतना पस भर गया था कि उसकी टांग काटनी पड़ सकती थी।

सरकार ने की अनदेखी

जम्मू कश्मीर के आतंकी हमले में घायल गोरखपुर के तीर्थयात्रियों को देखने मुख्यमंत्री पहुंचे। उन्हें आर्थिक मदद भी दी गई, लेकिन यहां न तो नेता या सरकार का प्रतिनिधि आया और न ही किसी ने कोई आर्थिक मदद दी। हद तो ये है कि उन्होंने कई बार प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उनकी कॉल को रिसीव तक नहीं किया है।

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