- अवैध स्विमिंग पूलों की जांच ठंडे बस्ते में
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बैक-टू-बैक हादसों के बाद नींद से जागे सिस्टम ने शहर के अवैध स्विमिंग पूलों पर शिकंजा कसने के नाम पर जांच शुरू कर दी है, लेकिन जिनके ऊपर जांच का सारा दारोमदार है, वो अभी तो यही पूछ रहे हैं कि जांच में उन्हें क्या करना है। कुछ का कहना है कि उनके पास तो कोई ऐसी एजेंसी ही नहीं है। जिससे जांच कराएं, फिलहाल स्थिति यह है कि अवैध स्विमिंग पूलों की जांच ठंडे बस्ते में है। वैसे भी सावन ने दस्तक दे दी है। रुक-रुक कर ही सही, मगर मेरठ और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। ऐसे मौसम में भला स्विमिंग पूल में नहाने की बात कोई सोच भी कैसे सकता है। हालांकि कुछ अलग करने का शगूफा छोड़ने वाले जरूर ऐसे मौसम में भी स्विमिंग पूल पर मैंगो व बीयर पार्टी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
रुड़की रोड सोफीपुर इलाके में खेतों के बीच बनाए गए ऐसे ही एक अवैध स्विमिंग पूल पर कुछ युवक मैंगो व बीयर पार्टी करते नजर आए। शहर से दूर मगर आबादी के बीच मौजूद इस स्विमिंग पूल पर आसानी से किसी की नजर पडेÞगी ऐसा, लगता नहीं। जहां तक बात अवैध स्विमिंग पूलों की है तो जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम सिटी ने सिटी मजिस्ट्रेट व एसीएम से उनके इलाकों के स्विमिंग पूलों पर रिपोर्ट तलब कर ली है। एडीएम सिटी कार्यालय में तलब की गयी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच सूत्रों ने जानकारी दी है कि जो रिपोर्ट स्विमिंग पूलों को लेकर तलब की गयी है। उसको लेकर एसीएम स्तर के कुछ अधिकारी माथा पकडेÞ बैठे हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि इस मामले में करना क्या है।
उनका कहना है कि उनके पास तो ऐसी कोई एजेंसी ही नहीं है, जिससे जांच करायी जाए। कुछ ने अपनी विपदा सीनियर के सामने रखी तो उन्हें समझाया गया कि इस मामले में जितने भी थानेदार अंडर में आते हैं। उनके कंधों पर सारा बोझ डाल दीजिए। थानेदारों को सब पता होता है कहां क्या चल रहा है। क्या सही है और क्या गलत है। गौरतलब है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने चार थानेदारों कोतवाली, लिसाडीगेट, देहलीगेट व लोहिया नगर से अवैध स्विमिंग पूलों पर रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस संबंध में एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध स्विमिंग पूलों की जांच करायी जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

