जनवाणी ब्यूरो
नई दिल्ली: राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात लगी आग ने सात गंभीर मरीजों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे के बाद जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवेदना व्यक्त की और जांच के आदेश दिए, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस घटना को गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
हैरानी की बात यह रही कि हादसे के करीब 9 घंटे बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का बयान सामने आया, जबकि हादसा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर चुका था।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुःखद और हृदय को व्यथित करने वाली है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।
— Gajendra Singh Khimsar (@GajendraKhimsar) October 6, 2025
खींवसर से जयपुर के मार्ग में हूँ — माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के निर्देशानुसार घटना की जांच के आदेश…
स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर जताया दुख
स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने ट्विटर (X) के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुःखद और हृदय को व्यथित करने वाली है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर की ओर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: खींवसर
मंत्री खींवसर ने अपने बयान में आश्वासन दिया कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी टीम सतर्क है और मरीजों की सुरक्षा, देखभाल और इलाज के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
गहलोत का तीखा हमला, मांगी उच्च स्तरीय जांच
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस घटना को गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि “SMS जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल में ICU में आग लगना बेहद चिंताजनक है। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।” गहलोत ने सवाल उठाया कि अगर समय रहते फायर अलार्म, सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ अलर्ट होता, तो शायद सात जानें न जातीं।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग की तत्परता
हादसे के 9 घंटे तक स्वास्थ्य मंत्री की चुप्पी ने लोगों के बीच नाराजगी पैदा कर दी है। विपक्ष ने भी सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी घटना के बाद मंत्री की गैरहाजिरी और देर से प्रतिक्रिया क्यों? क्या यह सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल नहीं उठाता?
मुख्यमंत्री निगरानी में, जांच शुरू
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति पर भी जांच की जा रही है।

