- जाकिर कॉलोनी से लेकर लिसाडी गेट के बीच भूमिगत डाली जा रही मुख्य सीवर लाइन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जल निगम शहर में सीवर लाइन दबाने का काम कर रहा है। जाकिर कॉलोनी से लेकर लिसाड़ी गेट के बीच मुख्य सीवर लाइन भूमिगत दबाई जा रही है। इसके लिए जल निगम जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी की खुदाई कर रहा है। करीब 10 फुट गहरा सड़क के बीच में गड्ढा बनाकर खुदाई की जा रही है।
यहां महत्वपूर्ण खबर है कि जो मिट्टी जेसीबी सड़क से निकाल रही है। उस मिट्टी का भी घोटाला कर दिया गया है। जल निगम के अधिकारी चोरी-छिपे प्रत्येक ट्रैक्टर ट्रॉली एक हजार में आम आदमी को मिट्टी बेच रहे हैं। यह एक दिन से नहीं, बल्कि पिछले एक माह से मिट्टी बेचने का धंधा चल रहा है।
जनवाणी संवादाता ने सच जानने के लिए मिट्टी खरीदने का सौदा किया तो मिट्टी की आपूर्ति कर रहे ट्रैक्टर चालक सलीम नामक व्यक्ति ने कह दिया कि एक हजार की प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली मिट्टी के रूप में दी जाएगी। जब उसे कहा गया कि यह मिट्टी तो सरकारी है तो जवाब मिला कि जल निगम सीवर लाइन दबाने के लिए मिट्टी निकलवा रहा है। जवाब मिला कि दिखाने के लिए हमने थोड़ी दूरी पर मिट्टी का ढेर लगा रखा है।
हम प्राइवेट लोगों के घरों पर भराव में मिट्टी प्रत्येक ट्राली एक हजार के हिसाब से बेच रहे हैं। ट्रैक्टर चालक ने 25 ट्रॉली मिट्टी डालने का वादा कर दिया और पेशगी भी मांग ली। इस तरह से मिट्टी घोटाला यहां किया जा रहा है। ट्रैक्टर चालक सलीम की बात पर विश्वास करें तो जल निगम के जेई से लेकर एई भी इसमें संलिप्त है। कहा जा रहा है कि यह पैसा ट्रैक्टर चालक को ही नहीं मिलेगा, बल्कि ऊपर तक बटवारा होगा।
करीब एक महा से मिट्टी की खुदाई और ढुलाई का काम यहां चल रहा है। अभी कम से कम दो माह और मिट्टी की खुदाई और ढुलाई का काम चलेगा। इस तरह से व्यापक स्तर पर मिट्टी को बेचा जा रहा है। प्रतिदिन 40 से 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली यहां आराम से मिट्टी की खुदाई और ट्रैक्टर-ट्रॉली लोड हो रही है।
फिर भी इस तरह से लाखों का चूना लगाया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार में कौन-कौन शामिल है? ये कहना मुश्किल है, मगर मिट्टी को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हर रोज जिस तरह से मिट्टी निकल रही है, उसको ठिकाने लगाया जा रहा है।

इस मिट्टी की बाद में आवश्यकता पड़ेगी तो फिर से मिट्टी को खरीदना दर्शा दिया जाएगा। इस तरह से मिट्टी निकलाने के नाम पर व फिर खरीदने के नाम पर बड़ा खेल जल निगम के अधिकारी कर रहे हैं। इसकी जांच पड़ताल होने के बाद ही पूरा भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ जाएगा।
सीवर निर्माण में लगाई जा रही है खराब ईंट
सीवर लाइन में चटका ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। जाकिर कॉलोनी से लेकर लिसाड़ी गेट क्षेत्र तक मुख्य सीवर लाइन का निर्माण किया जाना है। ये सीवर लाइन मैन है, जिसको ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाया जाएगा। इसके निर्माण में व्यापक स्तर पर घपलेबाजी की जा रही है।
ईंट अव्वल लगाई जानी चाहिए, मगर चटका ईंट लगाई जा रही है। ठेकेदार को भुगतान अव्वल ईंट को मिलेगा, लेकिन खराब ईंट को जल निगम के अधिकारी क्यों लगने दे रहे हैं? इसमें भी बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि गुजरात की कंपनी के पास इसका टेंडर है, इसलिए भी इस कंपनी के खिलाफ कोई नहीं बोल पा रहा है।

