नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार महिला विश्व कप खिताब जीतकर पूरे देश को गर्व से भर दिया है। जैसे ही भारत ने फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज की, देशभर में जश्न और उत्सव का माहौल छा गया। सोशल मीडिया से लेकर गलियों तक, हर जगह टीम इंडिया की शेरनियों की गूंज सुनाई दे रही है। विश्व कप में भारत का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। शुरुआती लीग मैचों में टीम को दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। लेकिन भारतीय टीम ने हार से सबक लेकर शानदार वापसी की। टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना मनोबल बनाए रखा और सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह पक्की की। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर विपक्षी टीम को पूरी तरह परास्त किया। कप्तान के सूझबूझ भरे नेतृत्व, सलामी बल्लेबाज की शानदार पारी और गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ ने जीत को यादगार बना दिया।
स्मृति मंधाना ने तस्वीर की साझा
विश्व चैंपियन- ये ऐसा शब्द जो हर किसी के नाम के साथ बड़ी आसानी से नहीं जुड़ता है। सांसें रोक देने वाले खिताबी मुकाबले में जैसा प्रदर्शन भारत की बेटियों ने दिखाया, उसके वे हर तरह से इसके हकदार हैं। देर रात महिला विश्व कप का खिताब जीतने के बाद भारत की शेरनियों की आज सुबह विश्व कप की ट्रॉफी के साथ हुईं है। सेमीफाइनल में भारत को जीत दिलाने वाली जेमिमा रॉड्रिक्स और फाइनल मैच में भारत को शानदार शुरुआत दिलाने वाली स्मृति मंधाना ने एक ऐसी ही तस्वीर साझा की है, जिसमें उन्होंने विश्व कप की ट्रॉफी के साथ तस्वीर खिंचाई है।
भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा
खिताबी जीत के बाद भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा- मुझे समझ नहीं आ रहा कि कैसे रिएक्ट करूं। सब कुछ अभी भी समझ में नहीं आ रहा। जैसा आपने कहा, मैं मैदान पर ज्यादा इमोशनल नहीं होती, लेकिन हां, ये पल बहुत अविश्वसनीय है। अपने देश में वर्ल्ड कप जीतना, ये सपना जैसा है। मैं अब तक इसे समझ नहीं पा रही हूं। वहीं जब उनसे पूछा गया कि इस जीत का बड़ा मतलब क्या है? तो स्मृति ने कहा- हर वर्ल्ड कप में हम कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार दिल टूटा है। फिर भी हम हमेशा मानते हैं कि हमारे ऊपर महिलाओं के क्रिकेट की जिम्मेदारी है। पिछले डेढ़ महीने में लोगों ने जो प्यार और सपोर्ट दिखाया है, वो बताने लायक नहीं है। पिछले 40 दिन बहुत मुश्किल थे, नींद नहीं आती थी, लेकिन आज वर्ल्ड कप जीतने के बाद वो सब थकान, वो सारी मेहनत वसूल लग रही है। पिछला टी20 वर्ल्ड कप हम सबके लिए बहुत कठिन था। लेकिन इस बार हमने अपनी फिटनेस और हर पहलू में सुधार पर ध्यान दिया। असली ताकत इस टीम की यही है कि कोई अपने लिए नहीं, सब एक-दूसरे के लिए खेलते हैं। सबने एक-दूसरे का साथ दिया, अच्छे और बुरे दिनों में भी। हमने एक-दूसरे की कामयाबी का सच्चे दिल से जश्न मनाया। यही हमारी टीम की जादू है।
अब साल 2025 में ये सपना पूरा हुआ है
भारतीय महिला क्रिकेट टीम कई बार इस खिताब के करीब पहुंची लेकिन खिताब उनसे हर बार छिटकता रहा। आंकड़ों में बात करें तो वनडे विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को तीन बार तो फाइनल मुकाबले में हारी, तो दो बार सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। वहीं टी-20 विश्व कप में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा, जिसमें महिलाएं चार बार सेमीफाइनल में पहुंची तो एक बार खिताबी मुकाबले में हार गईं। अब साल 2025 में ये सपना पूरा हुआ है।
आईसीसी प्रतियोगिताओं में भारतीय महिला टीम (टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे)
2000 – सेमीफाइनल (वनडे विश्व कप)
2005 – उपविजेता
2009 – सेमीफाइनल (टी20 विश्व कप)
2010 – सेमीफाइनल (टी20)
2017 – उपविजेता (वनडे विश्व कप)
2018 – सेमीफाइनल (टी20)
2020 – उपविजेता (टी20)
2023 – सेमीफाइनल (टी20)
2025 – चैंपियन

