- आए दिन जाम की दिक्कतों से जूझ रहा दून हाइवे
- भीषण जाम में एम्बुलेंस में तड़पते मरीजों की बिगड़ी हालत
- लोग घंटों फंसे रहे जाम में, जाम के आगे पुलिस भी लाचार
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: चौकिए मत! एनएच-58 पर कब कहा जाम लग जाए। इसका कुछ अता-पता नहीं है। क्योंकि हाइवे पर आए दिन जाम लगना अब आम बात हो गई है। हाइवे पर खासकर खड़ौली, खिर्वा फुट ओवरब्रिज, मोदीपुरम चेकपोस्ट, पल्हैड़ा फ्लाईओवर के नीचे, सिवाया टोल प्लाजा और सकौती में कब जाम लग जाए। कुछ कहा नहीं जा सकता है। जाम लगने का कारण एक नहीं अनगिनत है।
हाइवे पर असुविधाओं का अभाव हो रहा है। एनएचएआई अनदेखा कर रहा है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में इस हाइवे पर हालात बेकाबू हो जाएंगे। जाम की समस्या से छुटकारा दिलाना जरूरी होगा। अवैध कटों की हाइवे पर भरमार हो रही है। हाइवे पर अंधाधुंध तरीके से बेतरतीब ट्रक खड़े रहते हैं, लेकिन एनएचएआई का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए प्लान बनाना बेहद आवश्यक होगा।
बेतरतीब वाहन और अवैध अतिक्रमण ने लगा रखा जाम
खड़ौली में ट्रक बेतरतीब ढंग से हाइवे पर खड़े रहते हैं। यहां अतिक्रमण भी लोगों ने कर रखा है। ठेला संचालक ढाबा संचालकों ने हाइवे की जमीन पर कब्जा कर रखा है। यहां अवैध कट भी खुला हुआ है। हर बार इस अवैध कट के कारण यहां जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

जाम के साथ-साथ कई बार यहां बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद एनएचएआई द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है। आखिर अधिकारी क्या चाहते हैं? जब यहां कोई अप्रिय घटना हो जाएगी, तभी अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूटेगी।
जाम के केंद्रों पर देना होगा विशेष ध्यान
जाम के केंद्रों पर एनएचएआई द्वारा विशेष ध्यान देना होगा। खड़ौली पर मोदीपुरम चेकपोस्ट पर खिर्वा चौपले पर और सिवाया टोल पर खासकर ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि यहां जाम लगने के कारण घंटों-घंटों तक यात्रियों को हाइवे पर खड़े रहना पड़ता है और लाखों रुपये का वाहन चालकों का तेल भी फुंक जाता है, लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है।
पुलिस भी रहती है मोबाइल और वसूली में व्यस्त
ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस को भी हाइवे पर तैनात किया गया, लेकिन यह पुलिस सिर्फ अवैध वसूली में लगी रहती है। पुलिस ने आजतक जाम खुलवाने के लिए कोई काम नहीं किया। खड़ौली में जाम की समस्या को देखते हुए डायल 112 को कई बार खड़ा किया गया, लेकिन यहां पुलिसकर्मी गाड़ी खड़ी करके मोबाइल चलाने में व्यस्त रहते हैं। जाम की तरफ उनका कोई ध्यान नहीं रहता है। अगर पुलिस मेहनत के साथ यहां ड्यूटी करें तो निश्चित ही यहां जाम की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
खड़ौली तिराहा बना नासूर
परतापुर से लेकर दौराला तक की यदि बात करें तो एनएच-58 का खड़ौली तिराहा जाम की लिहाज ने नासूर बना हुआ है। ऐसा नहीं कि यहां शादियों का साया खुलने या फिर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के कारण ही आज सोमवार को जाम लगा हो। यहां हमेशा जाम सरीखे हालात रहते हैं।
यूं कहिए कि खड़ौली तिराहा पूरे हाइवे के जाम के लिए नासूर बना हुआ है। शाम का वक्त तो यहां से निकलना सजा सरीखा है। आज यहां हालात ज्यादा खराब नजर आए। खड़ौली तिराहे की यदि बात की जाए तो यहां जाम के एक नहीं कई कारण हैं।
- अवैध कट जहां से लोग वाहनों व स्कूटी को लेकर जंप मारते हैं।
- सड़क किनारे खोली गयी नॉन वेज की दुकानें, जहां पार्किंग का इंतजाम नहीं।
- नॉनवेज की दुकानों पर रूकने वाली गाड़ियों को सड़क पर पार्क किया जाना।
- शराब के ठेके के आसपास खाने पीने वालों हाइवे पर खाने पीने वालों का जमघट।
- सबसे बड़ी कारण खड़ौली तिराहे को खाकी का भगवान भरोसे छोड़कर हमेशा गायब होना।
क्या कहना है इनका
- एनएच-58 पर वाहनों की तादाद बढ़ने के कारण अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए टोलवे कंपनी को पत्र लिखा गया है। अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश भी कंपनी को दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को भी पत्र लिखकर जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की जाएगी। -संतोष वाजपेई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

