- नदी पार करते समय हो सकता है बड़ा हादसा
- कांवड़ियों की आस्था से हो रहा खिलवाड़
- कांवड़ियों का रूट डायवर्ट होने के लिए प्रशासन ने नही लगाया कोई व्यवस्था
जनवाणी संवाददाता |
मोरना: हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे कावड़ियों के साथ प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है जहां पर कावड़िया अपनी जान को जोखिम में डालकर नदी को पार कर रहे हैं जिससे उनकी जान पर खतरा बना हुआ है शासन प्रशासन द्वारा रास्ते में रूट डायवर्जन का कोई बोर्ड नहीं लगाया।
जिस कारण कावड़ियों को नदी पार करनी पर रही है जिसके चलते कावड़ियों में भारी रोष व्याप्त है वही मानना है कि कावड़िया कांवड़ लेकर वापिस नहीं मुड़ सकते जिसके चलते कांवड़ियों को कावड़ लेकर नदी पार करनी पड़ रही है कावड़ियों ने शासन प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त किया है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ कि सरकार के चलते कावड़ियों की जान के साथ शासन प्रशासन द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम योगेंद्र नगर स्थित सोलानी नदी पड़ती है जहां पर डूडी घाट नाम से एक घाट है इस घाट से प्रत्येक वर्ष करीब लाखों की संख्या में कावड़िया यहां से गुजरते हैं।
प्रत्येक वर्ष इस नदी पर आने से कावड़ियों को कोई भी समस्या नहीं होती थी और प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी कावड़िया पुल होने के कारण नदी के घाट पर आ रहे है और पुल न होने के कारण कावड़ियों को जान जोखिम में डाल के नदी को पार करना पड़ रहा है।
जिसके चलते कावड़ियों को जान जोखिम में डाल कर नदी पार करनी पड़ रही है कावड़ियों ने शासन प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है कि अगर प्रशासन रास्ते मे रुट डायवर्जन का कोई बोर्ड लगा दे तो कावड़ियों को जान जोखिम में नही डालनी पड़ेगी कावड़ियों ने मुख्यमंत्री से घाट पर पुल बनवाने की मांग की है
गर्म पैरों से कावड़िया करते है नदी पार हो रहे बीमार
हरिद्वार से नंगे पांव कावड़ लेकर आ रहे कावड़िया चलने के दौरान उन्हें चलने के दौरान कावड़ियों का शरीर गर्म हो जाता है लेकिन डूडी घाट पर पुल न होने से उन्हें तुरंत नदी के ठंडे पानी में घुस कर नदी पार करनी पड़ रही है जिस कारण उन्हें गरम सर्द हो रहा है तथा कावड़िया आगे जाकर थकान व पैरों में दर्द महसूस कर रहे हैं जिसके चलते कावड़ियों को अपना सफर करने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
शिव भक्तों की आस्था के साथ हो रहा खिलवाड़
व्यवस्था ने होने के कारण गूलर के पेड़ पर झुलानी पड़ रही कांवड़
मोरना – हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे शिव भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है कावड़ यात्रा के दौरान शास्त्रों में लिखा है कि रास्ते में गूलर का पेड़ वर्जित माना गया है बताया गया है कि अगर कावड़ियों के रास्ते में गूलर का पेड़ खड़ा है और उसके नीचे से कावड़िया कावड़ लेकर गुर्जर रहा है तो उस की कावड़ खंडित मानी जाती है लेकिन डूडी घाट से प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में शिव भक्त गुजरते है तथा डूडी घाट पर गूलर के दो से तीन पेड़ खड़े हुए हैं जिन पेड़ो की कावड़ियों को जानकारी नहीं है जिस पर कावड़िया अपनी कावड़ को झूलते हुए नजर आए हैं जिसके चलते कावड़ियों की आस्था के साथ प्रशासन द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है।

वर्जन
कावड़ियों का नदी से निकलने के बारे में जानकारी नही अगर ऐसा है तो वहां के बीडीओ को सुचना कर मामले की जानकारी की जायेगी कावड़ियों को किसी भी तरह की परेसानी नही होने दी जायेगी जल्द ही व्यवस्था बनाई जायेगी जिससे कावड़ियों परेसान न हो

