- किसानों को भेजे पत्र, उद्योग बंधु की बैठक में कताई मिल पर चर्चा, ट्रांसफर पर सहमति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिला उद्योग बंधु की बैठक में डीएम ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों को समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित करने के लिए निर्देश दिये। औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों, नाली की मरम्मत व नवनिर्माण आदि बिन्दुओं पर नगरायुक्त को उद्यमियों के साथ बैठक करने के लिए कहा।
डीएम ने बताया कि कताई मिल में औद्योगिक क्षेत्र बनाया जायेगा। उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जायेगा। डीएम के. बालाजी इस बात पर नाराज हुए कि निवेश मित्र पोर्टल पर 150 प्रकरण लंबित है जिसमें से 128 समयसीमा के अंतर्गत लंबित है तथा 22 समय सीमा के उपरांत लंबित है।
आरएम यूपीएसआईडीसी सतीश कुमार ने बताया कि यूपी स्टेट टैक्सटाइल कारपोरेशन प्रदेश की मेरठ, हरदोई व झांसी कताई मिलों को यूपीसीडा को हस्तानांतरित (हैंडओवर) करेगा जिसके लिए शासन स्तर पर सहमति हो गयी है।
कताई मिल का कुल क्षेत्रफल करीब 90 एकड है बताया कि काजमाबाद गून, गेझा रोड पर 250 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र बनाये जाने के लिए सभी संबंधित 173 किसानों को अधिशासी अभियंता यूपीसीडा गाजियाबाद, जिनके कार्यक्षेत्र में यह क्षेत्र आता है, के द्वारा सहमति पत्र भेजे जायेंगे। उपायुक्त उद्योग वीके कौशल ने बताया कि मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के पीछे डीपी वर्ड के नाम से आईसीडी खुल गया है और क्रियाशील भी हो गया है।
एमडीए द्वारा वाह्य विकास शुल्क की गणना केवल निर्मित भू-भाग/भू-आच्छादन पर ही किये जाने की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गयी है। उद्यमियों द्वारा मांग की गयी कि एमडीए द्वारा मानचित्र स्वीकृति के समय लेबर सेस की धनराशि जमा करा दी जाती है। मानचित्र स्वीकृति के बावजूद श्रम विभाग द्वारा नोटिस जारी कर पेनाल्टी की कार्रवाई की जा रही है, जिस पर श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि जनपद की औद्योगिक इकाइयों का थर्ड पार्टी सर्वे कराया गया है इसके बाद ही पेनाल्टी हेतु नोटिस भेजे गये थे।
वह अपना अलग प्रत्यावेदन श्रम विभाग में दे उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जायेगा। औद्योगिक इकाईयों द्वारा अवगत कराया गया कि उद्योगपुरम इंडस्ट्रीयल एस्टेट परतापुर क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से बहुत से अवैध खोखे संचालित है। जिस कारण कार्यस्थल तक आने-जाने में परेशानियां होती है, जिस पर डीएम ने पुलिस अधिकारियों को प्रकरण को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिये।
ग्राम सिखेड़ा की औद्योगिक इकाइयों व मवाना रोड इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन द्वारा उनके औद्योगिक क्षेत्रों को औद्योगिक फीडर से जोड़े जाने की मांग पर डीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह इसकी व्यवहारिकता की जांच करें।
स्मार्ट सिटी के लिए निगम में हुई अफसरों की मीटिंग
स्मार्ट सिटी को लेकर नगर निगम में अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि शहर को स्मार्ट कैसे बनाया जाए? घंटे भर चली मीटिंग में सभी अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव दिये। कहा कि सर्वप्रथम शहर की सफाई आवश्यक है। इसमें किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। रात की शिफ्ट व दिन में अलग-अलग जिम्मेदारी के साथ सफाई अभियान हर रोज चलाया जाना चाहिए। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की भी बड़ी जिम्मेदारी है, वो भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहण करें। कूड़ा उठता है तो फिर नालों की सफाई भी आवश्यक है।
जाम भी शहर की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इस पर भी संबंधित अफसरों को फोकस करने की आवश्यकता है। अतिक्रमण से जाम लगने की बात कही गई,जिसको लेकर नगरायुक्त डा. अरविन्द चौरसिया ने कहा कि अतिक्रमण को फोकस कर दिया जाएगा। टीम को प्रत्येक सड़क पर भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम लगा दी जाएगी। पुलिस भी इसमें अतिक्रमण करने वालों को रोके।
नगर निगम के कर्मचारी व अधिकारी अतिक्रमण रोकने के लिए सड़क पर हमेशा नहीं रह सकते। इसके बाद पुलिस की भी जवाबदेही बनती है। शहर से निकलने वाले कूड़ा निस्तारण को लेकर भी चर्चा की गई। गावड़ी के अलावा सैनिक विहार में भी कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने पर चर्चा हुई। मगर अभी इसके निर्माण का कार्य आरंभ नहीं हुआ है। पार्किंग की समस्या को दूर करने पर भी विचार किया गया तथा मल्टीलेवल पार्किंग की शहर में आवश्यकता बताई गयी। शहर के चौराहों के सौंदर्यकरण पर चर्चा हुई,जिसमें तीन चौराहे एमडीए सौंदर्यकरण करेगा तथा दो अन्य पैकेज से स्मार्ट बनाये जाएंगे।

