प्राथमिक विद्यालय में अधिक जलभराव होने से छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में करना पड़ रहा है भारी परेशानियों का सामना
जनवाणी संवाददाता |
ककरौली: थाना क्षेत्र के गांव खोकनी में बने प्राथमिक विद्यालय में जलभराव होने से छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि विद्यालय के प्रांगण में बारिश के चलते गांव का गंदा पानी इकट्ठा होकर जमा हुआ है जिससे विद्यालय में दुर्गंध फैल गई है ग्राम प्रधान ने इस समस्या का आरोप पीडब्ल्यूडी विभाग पर लगाया है कॉलेज के इंचार्ज अध्यापक द्वारा इसकी शिकायत अपने विभाग में भी की गई है।
गांव खोकनी में जौली बेहड़ा सादात बिजनौर रोड पर बने प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में पिछले 2 दिनों से मौसम खराब व बारिश के चलते गांव की गलियों का गंदा पानी विद्यालय में जमा होकर दुर्गंध उत्पन्न हो गई है विद्यालय में रोजाना 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। बच्चों को गंदे पानी के बीच खड़े होकर राष्ट्रीय गान व प्रार्थना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक गजेंद्र कुमार ने बताया की विद्यालय में 2 से 3 फुट पानी भरा हुआ है अंदर कमरों में भी पानी पूरी तरह पहुंच चुका है छोटे-छोटे बच्चों को विद्यालय में आने पर बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है इस बात को लेकर शिक्षा विभाग में भी मौखिक रूप से शिकायत की गई है कल बुधवार को लिखित शिकायत भी बेसिक शिक्षा अधिकारी से की जाएगी।
ग्राम प्रधान पति रसेन्द्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अवर अभियंता लापरवाही के चलते जलभराव की समस्या पैदा हुई है जब से जौली बेहड़ा सादात सड़क का निर्माण किया गया है तभी से यह समस्या उत्पन्न हो गई है इस संबंध में कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई अरविंद कुमार से लिखित शिकायत करते हुए जानकारी दी गई है।
जिस जगह में नाला था उसे पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क निर्माण करते समय खुर्द खुर्द कर दिया गया है। नाले की शिकायत पहले भी वे कई बार प्रशासन को कर चुके हैं। जिस कारण गांव का गंदा पानी कहीं भी निकलने के लिए संभव नहीं है विद्यालय कि भवन निर्माण लगभग 60 से 65 वर्षों पूर्व बना हुआ है जो अत्यधिक जलभराव के कारण कभी भी गिर सकता है और किसी भी बड़े हादसे होने से इनकार नहीं किया जा सकता है ।
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई अरविंद कुमार का कहना है कि वहां पर किसी भी प्रकार का कोई नाला निर्माण नहीं था ग्राम प्रधान द्वारा लगाए गए आरोप बिल्कुल निराधार है गांव में सफाई ना होने के कारण गंदे पानी का जलभराव हुआ है।