- शामली पुलिस की प्रभारी पैरवी के चलते सुनाई गई सजा
जनवाणी संवाददाता |
शामली: न्यायालय एडीजे एफटीसी-3 मुजफ्फनगर ने दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। शामली कोतवाली क्षेत्र में साल 2011 में हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जिसके बाद न्यायाधीश ने सजा सुनाई है।
शामली कोतवाली क्षेत्र में तीन दिसंबर 2011 को हत्या की एक घटना हुई थी। जिसमें शदाकत व शराफत पुत्रगण जुल्फिकार निवासी गांव टपराना थाना झिंझाना के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 481/11 धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमें में अभियुक्तो को गिरफ्तार कर साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए कोतवाली शामली पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
हत्या के इस मुकदमें में अभियुक्तों को सजा कराए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने जनपद की मॉनीटरिंग सेल को मुकदमें को फास्ट टैक कोर्ट मे चलाने के लिए निर्देशित किया था। जिसके बाद मॉनिटरिंग सेल द्वारा न्यायालय एडीजे एफटीसी-3 मुजफ्फरनगर में प्रभावी पैरवी कर सजा कराने में सफलता प्राप्त की है।
15 मार्च 2022 को 11 साल बाद न्यायालय एडीजे एफटीसी-3 द्वारा अभियुक्त शदाकत व शराफत को आजीवन सश्रम कारावास एवं 35-35 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुमार्ना अदा न करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास की सजा होगी ।

