जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: किसानों के दिल्ली कूच का आज तीसरा दिन है। मंगलवार को शंभू बॉर्डर पर हुए बवाल के बाद बुधवार को भी तनाव की स्थिति बनी रही। शाम को तय हुआ कि गुरुवार शाम पांच बजे एक बार फिर केंद्र किसानों से बात करेगा। तब तक किसानों ने आगे न बढ़ने का निर्णय लिया है। टिकरी बॉर्डर से पहले सेक्टर 9 मोड़ पर तैनात बीएसएफ और आईटीबीपी के जवान खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए।
लूज मोशन की शिकायत के बाद सभी 11 जवानों को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। 5 जवानों को प्रारम्भिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई जबकि 6 जवानो का अभी भी उपचार चल रहा है। बहादुरगढ के गर्ल्स कॉलेज में बीएसएफ की टुकड़ी का ठहराव है। पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। साथ ही सभी टोल भी फ्री करवा दिए गए हैं।
किसानों के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने 18 और 22 तारीख को होने वाली रैलियां स्थगित कर दी हैं। करनाल में किसान आंदोलन के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। जिसकी वजह से यात्रियों को दिल्ली में प्रवेश करने में देरी का सामना करना पड़ा रहा है। शंभू सीमा पर आंदोलनकारी किसानों के बीच भोजन तैयार और वितरित किया जा रहा है।
किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि हमारी मांगें ‘पुनरावृत्ति’ नहीं बल्कि हमारे लिए जीवन और मृत्यु का मामला है। हम अपनी बात मंत्रियों के सामने रखेंगे। हाईवे बंद होने से दिल्ली से आने वाले उद्योगपति व कर्मी गांवों के रास्ते आ रहे है। दिल्ली में कार्यरत सोनीपत के सरकारी विभागों के कर्मियों को भी परेशानी हो रही है। सोनीपत शहर में रहने वाले अधिकारी व कर्मचारी ट्रेन का सहारा लेकर दिल्ली जा रहे है। हाईवे से सटे गांवों में रहने वालों को मुसीबत हो रही है। उन्हें अपने वाहनों में गांवों की गलियों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
गुरुवार तड़के केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट पर नाका लगाए खड़ी पुलिस टीम को कार चालक ने टक्कर मार दी। पुलिस टीम ने एक तरफ कूदकर जान बचाई। जिसमें एक होमगार्ड जवान घायल हो गया। कार सवार पटरी से टकरा गए। कार सवार तीन युवक शराब के नशे मिले। उनके खिलाफ राई थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि तीन मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ये मांगें हैं-एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और बिजली अधिनियम रद्द करना। राज्य की सीमा पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती, पुलिस की कार्रवाई और ड्रोन के इस्तेमाल पर भी पंधेर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं, तो बलप्रयोग क्यों किया जा रहा है।

