जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत को बर्मिंघम में दूसरा स्वर्ण पदक मिल गया है। वेटलिफ्टिंग में जेरेमी लालरिनुंगा ने 67 किग्रा भारवर्ग में इतिहास रच दिया। उन्होंने 300 किग्रा भार उठाकर देश को सोना दिलाया। मिजोरम के रहने वाले 19 वर्षीय जेरेमी ने स्नैच राउंड में 140 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 160 किग्रा उठाया। वह इस राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं। उनसे पहले मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में ही देश को सोना दिलाया था।
उनका मुकाबला समोआ के वैपावा नेवो के साथ था। वैपावा ने स्नैच में 127 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 166 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक जीता। अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने गोल्ड जीतने की चाहत में 174 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। वहीं, नाइजीरिया के इडिडोंग ने स्नैच में 130 और क्लीन एंड जर्क में 160 किग्रा वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेरेमी को बधाई दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ”हमारी युवा शक्ति इतिहास रच रही! जेरेमी लालरिनुंगा को बधाई, जिन्होंने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है और साथ ही एक अभूतपूर्व राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड भी बनाया है। छोटी सी उम्र में उन्होंने अपार गौरव और यश हासिल किया है। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”
जेरेमी का प्रदर्शन
स्नैच राउंड: जेरेमी ने पहले प्रयास में 136 किलो वजन उठाया। दूसरे प्रयास में जेरेमी ने 140 किलो भार उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 143 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहे। इस तरह स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 140 किलो रहा।
क्लीन एंड जर्क राउंड: जेरेमी ने पहले प्रयास में 154 किग्रा भार उठाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन को सुधारा और 160 किग्रा भार उठा लिया। वह तीसरे प्रयास में 165 किग्रा भार उठाना चाह रहे थे, लेकिन नाकाम रहे। इस दौरान वह चोटिल भी हो गए।
वेटलिफ्टिंग में भारत का यह पांचवां पदक है। मीराबाई चानू और लालरिनुंगा के स्वर्ण के अलावा बिंदियारानी देवी ने रजत, संकेत सरगर ने रजत और गुरुराजा पुजारी ने कांस्य पदक जीता है।

