जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अलबत्ता सियासी चर्चाओं का दौर जारी है। पार्टी के सियासी गलियारों में पर्यवेक्षक की रिपोर्ट पर केंद्रीय नेतृत्व के अगले कदम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं इन चर्चाओं की बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार को दिल्ली रवाना हो गए। उन्हें आज गैरसैंण में एक कार्यक्रम में शिरकत करनी थी। इसी बीच देहरादून भाजपा कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है।
वहीं दिल्ली पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कहना है कि मैं नहीं जानता कि मीडिया क्या कह रही है, लेकिन मैंने राष्ट्रीय पार्टी के नेतृत्व से मिलने का समय मांगा है।
हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने फिर कहा कि जो भी चर्चाएं हो रही हैं, वह मीडिया की उपज हैं। संगठन के स्तर पर ऐसी कोई बात नहीं है। उधर, केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे जाने के बहाने कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिल गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फिर ट्वीट कर तंज किया कि ‘उत्तराखंड भाजपा में सत्ता की खुली लड़ाई, चिंताजनक स्थिति बयान कर रही है। कुछ उजाड़ू बल्द जिनको भाजपा पैसारूपी घास दिखाकर हमारे घर से चुराकर ले गई, उसका आनंद अब भाजपा को भी आ रहा है।
I don't know what you (media) is saying but I have sought time from the national party leadership. I will go to meet them when they would call me: Uttarakhand CM Trivendra Singh Rawat in Delhi pic.twitter.com/KytcxlWWir
— ANI (@ANI) March 8, 2021
इनमें से कुछ बल्द तो उज्याड़ू ही नहीं हैं, मारखोली भी हैं। उन्होंने लिखा कि भाजपा ने जो बोया, उसको काटना पड़ेगा। 2017 में केवल मुझको काटना पड़ा।’ वहीं, इस बीच मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चाएं भी होती रहीं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) गए थे। वहां पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ सरकार के चार साल के जश्न की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। आज सोमवार को वह फिर गैरसैंण जाने वाले थे।
शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में सिर्फ इतना ही बदलाव दिखा कि उन्हें रविवार को पहले ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में रात्रि प्रवास करना था, लेकिन वह रविवार को ही लौट आए। बहरहाल, रविवार को मुख्यमंत्री सामान्य तरीके से अपना कामकाज निपटाते रहे और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहे।
उन्होंने भराड़ीसैंण में भाजपा जिलाध्यक्षों को सरकार के चार साल पूरे होने के जश्न ‘बातें कम काम ज्यादा’ की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सीएम के भ्रमण के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री अब आठ मार्च को गैरसैंण जाने वाले थे।
वहां उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इंप्लायमेंट एंटरप्रीन्योरशिप एंड इनोवेशन का उद्घाटन करना था। इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए वृहद ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत ऋण वितरित करने वाले थे। यह कार्यक्रम गैरसैंण के रामलीला मैदान में रखा गया था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि बजट सत्र को बीच में छोड़ने से साबित हो रहा है कि भाजपा में जबरदस्त अंदरूनी घमासान है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष ने सदन के भीतर महंगाई, बेरोजगारी, किसान, मातृशक्ति पर लाठीचार्ज, आपदा प्रबंधन, गन्ना किसान सहित सभी जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
सरकार का सदन के अंदर प्रदर्शन देखकर ही विपक्ष को इस बात का अंदाजा हो गया था कि सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उसकी पुष्टि शनिवार को देहरादून में सियासी भूचाल से हो गई। सदन में कोई भी मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे पाया।
प्रीतम सिंह ने कहा कि बजट जैसे गंभीर मुद्दे के बावजूद त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके ज्यादातर विधायकों को भराड़ीसैंण के सत्र को बीच में छोड़कर देहरादून तलब किया जाना भाजपा में आये बड़े तूफान की ओर इशारा करता है।
नेतृत्व परिवर्तन के सवाल को प्रीतम सिंह ने भाजपा का अंदरूनी मामला बताया और कहा कि केवल नेतृत्व परिवर्तन से भाजपा की असफलता छिपने वाली नहीं है। लोगों ने भाजपा को प्रचंड बहुमत और डबल इंजन वाली सरकार दी लेकिन भाजपा ने कदम-कदम पर जनता को निराश किया।
प्रीतम सिंह ने कहा कि अब यह बात साफ हो गई है कि भाजपा सरकार का मन गैरसैंण में नहीं लगता। सरकार के पास विधायकों के क्षेत्र की समस्यायें सुनने का वक्त नहीं है। वह आपसी कलह निपटाने में पूरे चार साल व्यतीत कर गई। भाजपा का ध्येय मात्र सत्ता प्राप्ति ही रहता है।

