
पहले मणिपुर पर बात कर रहे थे अब मेवात और नूंह पर करिये। एक बड़े मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए उससे भी बड़ा मुद्दा पेश कर दीजिए। ये संघ-बीजेपी की पुरानी रणनीति रही है। एक बार फिर उसने उसे आजमाया है। मेवात पर आने से पहले बात मणिपुर पर। मणिपुर का चूंकि मैं दौरा करके लौटा हूं और मैंने उसके तमाम पहलुओं पर ‘जनचौक’ में रिपोर्ट किया है। लेकिन कुछ पहलू छूट गए हैं। वो बेहद महत्वपूर्ण हैं इसलिए उन पर बात करना जरूरी है। क्योंकि उनको लेकर नॉर्थ-ईस्ट के बाहर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि यह गुजरात के आगे का प्रयोग है। यहां मैतेई और कुकी में कंप्लीट डिवीजन है। और यह संघर्ष तीन महीने हो गए अभी भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। जबकि गुजरात में वह केवल तीन दिन चला था लेकिन ऐसा नहीं था कि हिंदू इलाके में कोई मुस्लिम नहीं घुस सकता था और मुस्लिम इलाके में कोई हिंदू।