- मेरठ और हापुड़ के लिए अफसरों ने बनाये अलग-अलग कानून
- पीएल शर्मा रोड पर शस्त्र की तीन दुकानें हो चुकीं बंद, अन्य पर भी ताले की नौबत
- दो साल से काम न होने से जनपद बागपत में शस्त्रों की सभी दुकानें बंद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: स्थानीय प्रशासन के एक फरमान के चलते पीएल शर्मा रोड स्थित 100-100 साल तीन दुकानेें बंद हो गर्इं, जबकि कई पर ताले लटकने की नौबत आ गई है। हैरानी तो इस बात की है कि सिस्टम चलाने वाले अफसरों ने शस्त्र लाइसेंसों को लेकर कमिश्नरी के जनपदों के लिए अलग-अलग कानून बना दिये हैं, जो यहां असलाह की दुकानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। मेरठ में जिस चीज को बेचने पर पाबंदी है, जनपद हापुड़ में उसकी खुली बिक्री की अनुमति दे दी गयी है। इसी प्रकार की तमाम खामियां शस्त्र विक्रेताओं के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। पूरे जनपद में दो दर्जन शस्त्र विक्रेताओं की दुकानें हैं। इनमें से 16 दुकानें अकेले पीएल शर्मा रोड पर हैं।
पीएल शर्मा रोड पर सिंह आर्म्स के नाम से प्रतिष्ठान चलाने वाले अंकुर ने बताया कि 17 मई को स्थानीय अधिकारियों ने एक कागज भेजकर सीओ की परमिशन के बगैर कारतूस बेचने पर रोक लगा दी। रोक के ये आदेश मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, बागपत, नोएडा, शामली आदि जनपदों के लिए रखे गए और हापुड़ को इससे मुक्त रखा गया। इस तरह की पाबंदी प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा जैसे शहरों तक में नहीं। इसका नुकसान यह हुआ कि पीएल शर्मा रोड समेत मेरठ के तमाम शस्त्र विक्रेताओं का धंधा चौपट हो गया। अब चूंकि कारतूस बेचने के लिए परमिशन अनिवार्य कर दी गयी, लिहाजा परमिशन के लिए पुलिस के चक्कर काटते रहने पड़ते हैं।
ऐसी स्थिति में लोग कारतूस खरीदने का इरादा ही बदल देते हैं। इसके चलते अब रिटेल की बिक्री पूरी तरह से खत्म हो गई है। नौबत यहां तक आ गयी है कि जमा में से खर्च कर दुकान चलानी पड़ रही है। ऐसे हालात में पीएल शर्मा रोड पर शस्त्र की तीन दुकानें विकास गन हाउस, शिवा शस्त्रागार व विजय सिंह एंड संस तो बंद ही हो गर्इं। इसके अलावा बागपत जनपद में भी जितनी दुकानें कारटेज बिक्री करने वाली थीं, वो भी बंद हो चुकी हैं। आदेश में कहा गया है कि शस्त्र बेचने के बाद दूसरी बार यदि कोई कारटेज खरीदने आता है तो उसको कारटेज तभी दिया जाए तब सीओ की परमिशन होगी।
पीएल शर्मा रोड के शस्त्र विक्रेताओं ने बताया कि 17 मई 2022 के फरमान के बाद केवल कारटेज की बिक्री शून्य नहीं हुई, बल्कि कारटेज के साथ जो शस्त्रों से संबंधित अन्य एसेसरीज होती थीं, वो भी अब बिकनी बंद हो गयी हैं। यह आदेश चूंकि हापुड़ जिले पर लागू नहीं है, इसलिए पीएल शर्मा रोड पर जितने भी लाइसेंस धारक कारतूस खरीदारी के लिए आते थे, वे सभी अब हापुड़ से कारटेज व अन्य सामान खरीदने लगे हैं।

