Friday, April 23, 2021
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सफर होगा सुहाना, मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे ओपन

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  • औपचारिक उद्घाटन एक अप्रैल को, बेरिकेडिंग हटाई और चालू हो गया आवागमन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया है। होली पर लोगों की भीड़ ने लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ गई। इस तरह से एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन चालू हो गया है। डासना में 700 मीटर की एलीवेटिड रोड पर चालू हो गई है।

कुसलिया में ईस्टर्न पैरीफेरल-वे का इंटरचेंज भी बनकर तैयार हो गया है। यहां पर बेरिकेडिंग एनएचएआई ने की थी, जिसे जनता ने हटाकर आगे बढ़ गई है। इस तरह से एक्सप्रेस-वे से वाहनों का सुचारू रूप से संचालन हो गया है। हालांकि विधिवत रूप से एक अपै्रल को एनएचएआई इसे जनता के लिए खोल रहा है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे चालू होने के बाद मेरठ की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि मोदीनगर व मुरादनगर में लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था, जिसके चलते दिल्ली का सफर चार-चार घंटे में पूरा होता था। वर्तमान में एक्सप्रेस-वे के चालू होने से मेरठ से दिल्ली का सफर मात्र 40 मिनट में पूरा किया जा सकता है।

दिल्ली से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दर्जनभर जिलों के बीच का सफर आसान हो गया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का शुरू करने की स्वीकृति एनएचएआई को मिल गई है।एनएचएआई के अधिकारियों ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि एक अपै्रल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इसकी आधिकारिक रूप से प्रेस नॉट एनएचएआई ने जारी नहीं किया है। टोल चालू करने में भी अभी समय लगेगा। परतापुर में टोल के बूथ भी बन गए हैं, लेकिन कुछ अभी काम बाकी है, जिसके चलते टोल प्रक्रिया चालू करने में कम से कम एक सप्ताह भी लग सकता है।

इन्हें मिलेगा लाभ

दिल्ली से मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर के साथ उत्तराखंड के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे। कुल मिलाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पश्चिम यूपी और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी के लिहाज से एक्सप्रेस-वे महत्वपूर्ण साबित होगा।

जाम से मोदीनगर, मुरादनगर को राहत

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे चालू होने के बाद मोदीनगर व मुरादनगर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि सर्वाधिक जाम की समस्या मोदीनगर व मुरादनगर में ही थी। दुकानदार व अन्य कारोबार करने वालों को भी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता था। ट्रैफिक ज्यादातर जाम ही रहता था।

अब गंगनहर पटरी से भी ट्रैफिक कम होगा। वैसे तो गंगनहर पटरी से ट्रैफिक इस वजह से भी ज्यादा है कि वाहन चालक टोल बचाने के लिए गंगनहर पटरी से गुजरते हैं, जिसके चलते भी यहां ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। अब बड़ी तादाद में लोग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से मेरठ में एंट्री करेंगे।

चार जगह लगेगा टोल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दौड़ने वाले वाहनों को चार स्थानों पर टोल चुकाना होगा। पहला टोल काशी (परतापुर) में बना है। यहां पर एक्सप्रेस-वे पर एंट्री करते ही टोल देना होगा। इसके बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से आप यदि पैरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर एंट्री करेंगे तो कुसलिया (इंटरचेंज)पर ही टोल देना होगा। आर्य एमएस (डासना) व भोजपुर में भी टोल बनाये गए हैं, यहां भी टोल देना होगा। टोल क्या रहेगा, फिलहाल इसकी घोषणा नहीं हुई हैं। इतना तय है कि किलोमीटर के हिसाब से टोल निर्धारित किया जाएगा।

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