- मेट्रो संचालन के लिए सरकार के पास नहीं है पर्याप्त बजट: मेट्रो शहर में आयेगी, तभी बनेगा ओवरब्रिज
- डीपीआर के चलते रुका पड़ा शहर का विकास, शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में लगेगी फाइनल मुहर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में अब मेट्रो की बजाय लाइट मेट्रो चलेगी। इसके लिए शासन स्तर से मेरठ विकास प्राधिकरण के साथ पत्र व्यवहार किया गया है। कहा गया है कि श्रद्धापुरी से काली नदी तक लाइट मेट्रो चलाई जाए। क्योंकि इस पर बजट भी कम खर्च होगा। ऐसी कवायद बजट कम होने की वजह से की जा रही है। कहा जा रहा है कि मेट्रो संचालन के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं है, जिसके चलते लाइट मेट्रो शहर में चलाई जाएगी।
लाइट मेट्रो में तीन बोगी होगी, जो ट्रैक पर दौड़ेगी। इसको शासन पर्याप्त मानकर चल रहा है। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि लखनऊ सिटी में भी मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की तादाद कम है। यही स्थिति मेरठ शहर की हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए और कम बजट के चलते सरकार चाहती है कि मेरठ में लाइट मेट्रो चलाई जाए। इस पर खर्च भी कम आएगा।
दरअसल, परतापुर से मोदीपुरम के बीच रैपिड रेल चलेगी। उसी ट्रैक पर लाइट मेट्रो की तीन से चार बोगी चलाई जाएंगी, वहीं दूसरा ट्रैक श्रद्धापुरी से काली नदी तक तैयार किया जाएगा। उस दूसरे ट्रैक पर ही लाइट मेट्रो चलाई जाएगी। इसको लेकर ही शुक्रवार को लखनऊ से अधिकारी मेरठ के डीएम के. बालाजी और मेरठ विकास प्राधिकरण मृदुल चौधरी से सीधे संवाद करेंगे, जिसके बाद ही लाइट मेट्रो पर आगे विचार किया जाएगा।
हालांकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष मधु चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को लखनऊ के आला अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे हैं, जिसमें लाइट मेट्रो को लेकर विचार किया जाएगा। फिलहाल इसमें कुछ भी नहीं कहा जा सकता। बता दें, कि मेट्रो की डीपीआर के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण चार करोड़ रुपये पहले ही दे चुका है।
तब शहर में मेट्रो के संचालन से पहले डीपीआर तैयार की गई थी। उस डीपीआर पर फाइनल मुहर भी लग चुकी है। उसी डीपीआर के चलते शहर का विकास रुका पड़ा है। क्योंकि बेगपुल पर ब्रिज निर्माण फाइनल किया जा रहा था, जिसे सिर्फ इस वजह से रोक दिया गया था कि मेट्रो शहर में आयेगी, तभी ओवरब्रिज बनेगा।
उसी डीपीआर के आधार पर आगे बढ़ा जा रहा है। हालांकि पहले डीपीआर मेट्रो की तैयार की गई थी। चार करोड़ एमडीए के इस डीपीआर पर खर्च हुए थे। ये प्लानिंग सपा सरकार में की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार मेट्रो की बजाय लाइट मेट्रो चलाना चाहती है। इसको लेकर कवायद की जा रही है। गुरुवार को एमडीए के अधिकारियों ने भी शासन से पूछे गए सवाल के आधार पर लाइट मेट्रो पर ही मंथन आरंभ हो गया है। अब लाइट मेट्रो ही चलेगी, इसी पर शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में फाइनल मुहर लगने जा रही है।

