सत्ता सुख भोगने में विधायक भूल गए जनता की परेशानी
काम में पीछे और श्रेय लेने में एक-दूसरे में लगी होड़
नगेंद्र गोस्वामी |
मेरठ/कंकरखेड़ा: मुख्यमंत्री जी! भाजपा के विधायक सत्ता सुख भोगने में जनता का दर्द ही भूल गए। खिर्वा रोड कई साल से टूटी पड़ी है। गड्ढों से गुजरते गुजरते लोग पेट से बीमार हो गए और वाहन मेंटेनेंस बहुत ज्यादा बढ़ गया है। तीन साल से इस सड़क निर्माण कार्य होने की बात लगातार चल रही थी।
खैर, कुछ दिन पूर्व निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ठेकेदार द्वारा बहुत लापरवाही बरती जा रही है। सड़क में गहरे गहरे गड्ढे हैं और अब काम को बीच में ही रोक दिया गया। वाहन चालक गड्ढों से बचाने के लिए सांप की तरह लहरें लेकर चलते हैं। जिससे दुर्घटना बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
अभी सड़क निर्माण कार्य बीच में ही रुका है। क्षेत्रीय विधायक सड़क निर्माण कार्य कराने का श्रेय लेने के लिए आपस में होड़ लगाए हैं। सिवालखास और सरधना विधायक दोनों ही इस सड़क को पास कराने के लिए अपने-अपने दावे पेश करते रहे। जिससे श्रेय उन्हें मिल जाए, लेकिन तीन साल से लोग परेशान हैं। उनका दर्द इन विधायकों को नहीं दिखाई दे रहा।

खिर्वा रोड से आवागमन करने वाले नागरिक तीन साल से बड़ी विकट समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क बुरी तरह से टूट कर गड्ढों में तब्दील हो रही है, लेकिन सड़क की समस्या का समाधान पूरी तरह से नहीं हो पा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दे रखे हैं, लेकिन मेरठ के इन अधिकारियों को और जनप्रतिनिधि विधायकों को क्षेत्र के लोगों की समस्या नहीं दिखाई दे रही।
इस रोड का निर्माण हुए आठ साल से अधिक बीत गया। तीन साल से सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और निर्माण कार्य की बात यहां के नागरिक सुनते आ रहे थे। आखिर कुछ दिन पूर्व सड़क का निर्माण करने के नाम पर चौड़ीकरण तो बढ़ा दिया गया, लेकिन अब निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। अब लोगों को धूल के गुब्बार से और गड्ढों के बीच से होकर गुजरना बड़ा कठिन हो रहा है। वाहनों का मेंटेनेंस कहीं ज्यादा हो रहा है।
गड्ढे में गिरकर चार पहिया वाहन और दोपहिया वाहन टूट रहे हैं। गड्ढों बचाने के चक्कर में वाहन चालक एक-दूसरे से टकरा जाते हैं। इस रोड पर इन्हीं गड्ढों के कारण कई लोग अकाल मृत्यु को प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन यहां के लोगों की समस्याएं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को नहीं दिखाई दे रही।
वहीं, इस संबंध में जब सरधना विधायक ठा. संगीत सोम से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच आॅफ होने के कारण बात नहीं हो सकी। उधर, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन देवपाल सिंह का कहना है कि अधिक सर्दी और प्रदूषण विभाग द्वारा फिलहाल प्रतिबंध लगाने के कारण निर्माण रोक दिया गया था।
जैसे ही मौसम अनुकूल होगा निर्माण कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा। रही बात धूल के गुब्बार की तो उसके लिए ठेकेदार से पानी की बौछार कराई जाएगी। वहीं, भाकियू के जिला प्रवक्ता बबलू जाटौली का कहना है कि प्रदूषण विभाग ने छह दिसंबर से प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे और निर्माण कार्य चार में ही रोक दिया गया था। इन दो दिन में तीन किमी निर्माण कार्य और हो सकता था।
खिर्वा मार्ग के नागरिकों की उपेक्षा
कंकरखेड़ा से सरधना कस्बे तक यह मुख्य रोड है। सरधना में एशिया का प्रसिद्ध चर्च भी है। इस रोड पर जेवरी, खुर्द और नया गांव सहित दर्जनों गांव पड़ते हैं। यह मेरठ से सीधा सरधना को जोड़ता है। इसके बावजूद सड़क का चौड़ीकरण ज्यादा नहीं किया गया। इस मुख्य रोड को भी ग्रामीण क्षेत्र के समान चौड़ीकरण किया गया है। जबकि सरधना से झिटकरी गांव को जाने वाली सड़क को भी साढ़े पांच मीटर चौड़ी बनाया गया है। इस मुख्य मार्ग को भी ग्रामीण क्षेत्र की सड़क के बराबर बनाने का काम किया जा रहा है।
श्रेय लेने में रहे दोनों विधायक आगे
इस मार्ग का निर्माण पीडब्ल्यूडी से किया जा रहा है। जो अभी रुका हुआ है और श्रेय लेने में सिवालखास के विधायक जितेंद्र सतवई और सरधना विधायक संगीत सोम दोनों आगे रहे। यहां के लोग अब भी इन गड्ढों से कैसे निकलते हैं। इस समस्या का समाधान तो हो नहीं सका। रोड को पास कराने में दोनों विधायक अपना-अपना दावा पेश करते रहे।
विधायक के भतीजे की शादी के लिए बनाई 800 मीटर सड़क
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि खिर्वा रोड के एक मंडप में सत्ताधारी पार्टी के विधायक के भतीजे की शादी गत आठ दिसंबर को थी। जिस कारण पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बाइपास से 800 मीटर जेवरी गांव की तरफ को सड़क बना दी। जिससे विधायक के रिश्तेदार और जान पहचान वालों को कोई परेशानी न हो।
उसके आगे सड़क का निर्माण बंद कर दिया गया। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि विधायक के लिए तो निर्माण कर दिया गया और बाकी जनता के लिए फिर से मुसीबत खड़ी करके छोड़ दी गई। टूटी सड़क और धूल के उड़ते गुब्बार लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं। अब बताया जा रहा है कि बाकी सड़क का निर्माण दो माह बाद होगा।

