Thursday, March 5, 2026
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वोट नहीं डालते आधे से ज्यादा शहरी वोटर !

  • चौंकाने वाला तथ्य, बेहद आलसी हो रहे मतदाता

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लोकसभा और विधानसभा चुनाव के आंकड़े यह बताते हैं कि मतदाता इनमें 60-65 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं डाल पाते हैं। एक चौंकाने वाला तथ्य है कि निकाय चुनाव में भी शहरी मतदाता वोट डालने के मामले में बेहद आलसी साबित होते रहे हैं। बीते वर्ष हुए नगर निगम चुनाव के दौरान केवल 45.68 प्रतिशत यानी आधे से भी कम वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

हर चुनाव से पहले शासन प्रशासन के स्तर से मतदाताओं को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाता है। इसके बावजूद मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा वोटिंग करने के लिए मतदान केंद्र पर बूथ तक नहीं पहुंच पाता। वर्ष 2023 में हुए निकाय चुनाव के आंकड़े ही देख लीजिए। जिसके दौरान नगर निगम मेरठ क्षेत्र के सिर्फ 45.68 प्रतिशत मतदाताओं ने ही बूथ तक पहुंच कर अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दिया है।

हालांकि मेरठ जनपद के ओवरआॅल निकाय चुनाव में वोटिंग परसेंट को देखा जाए, तो यह 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसमें नगर पालिका परिषद मवाना के 57.53, सरधना के 61.07, करनावल के 67.52, किठौर के 74.53 खरखौदा के 76.32, खिवाई के 73.89, दौराला के 65.82, परीक्षितगढ़ के 65.34, फलावदा के 67.25, बहसूमा के 68.52, लावड़ के 65.27, शाहजहांपुर के 63.23 सिवाल खास के 73.3 हर्रा के 77.94, हस्तिनापुर के 61.48 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

इन मतदाताओं के बलबूते ही जनपद का ओवरआॅल मतदान प्रतिशत 50 से ऊपर पहुंच सका है। लोकसभा चुनाव के आंकड़े इससे कहीं बेहतर रहे हैं। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान मेरठ जनपद के 65.21 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए मतदान किया है। 2019 में विधानसभा वार मतदान प्रतिशत की अगर बात की जाए

तो सिवालखास-68.45 प्रतिशत, सरधना-67.64 प्रतिशत, हस्तिनापुर, 66.13 प्रतिशत, किठौर, 69.9 प्रतिशत, मेरठ कैंट- 59.47 प्रतिशत, मेरठ शहर-64.11 प्रतिशत, मेरठ दक्षिण-62.72 प्रतिशत तक मतदान कर चुका है। 1952 से 2019 तक के लोकसभा चुनावों के दौरान रिकार्ड के आइने में मेरठ का वोटिंग प्रतिशत 1952 से 2019 तक 67.08 (इमरजेंसी के बाद 1977 में) प्रतिशत के बीच रहा है।

85 प्लस मतदाताओं को मिलेगा पोस्टल बैलट का विकल्प

निर्वाचन आयोग ने इस बार 85 प्लस वोटरों के लिए एक सुविधा पोस्टल बैलट की भी दी है। जिसका उपयोग वे ऐच्छिक तौर पर कर सकते हैं। मेरठ जनपद में 80-89 आयु वर्ग के 34265, 90-99 आयु वर्ग के 6283 और 100 प्लस आयु वर्ग के 512 मतदाता सूची में दर्ज हैं। जनपद में 85 प्लस मतदाताओं की संख्या करीब 20 हजार तक हो सकती है। निर्वाचन आयोग की ओर से 85 प्लस मतदाताओं को एक विकल्प यह दिया गया है कि अगर वे चाहें, तो बूथ पर जाने के बजाय पोस्टल बैलट का ऐच्छिक तौर पर उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित सहायक रिटर्निंग आॅफिसर के पास जाकर एक फॉर्म भरना होगा।

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