- डेरियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, नहीं होगा कोई समझौता
- पार्षदों ने की अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: जनमंच सभागार मे मेयर संजीव वालिया की अध्यक्षता में हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में देर तक हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षदों ने घपले-घोटले के आरोप लगाए। इसको लेकर देर तक खींचतान होती रही। जैसे-तैसे वर्ष 2020-21 के लिए सर्वसम्मति से 254 करोड़ 10 लाख रुपये का बजट पारित किया गया।
मुख्य लेखाधिकारी राजीव कुशवाह ने बजट पेश करते हुए सदन को बताया कि कोविड-19 के कारण बोर्ड बैठक के आयोजन में विलंब हुआ है, हालांकि 12 मार्च 2020 को कार्यकारणी की बैठक में बजट पारित करा लिया गया था। कुशवाह ने वर्ष 2020-21 की अनुमानित आय 250 करोड़ और पिछले बजट से अवशेष 211 करोड़ की राशि के साथ कुल आय 461 करोड़ का अनुमान पेश किया।
नगरायुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह ने भी बोर्ड बैठक विलंब से बुलाने का कारण कोविड-19 बताते हुए कहा कि वह संकट का समय था और हमारी आपकी सबकी प्राथमिकताओं में कोविड-19 था।
बैठक में मेयर संजीव वालिया ने पार्षदों की मांग पर बोर्ड व कार्यकारणी की बैठक समय से बुलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए, उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी प्रक्रिया है उसे समय से पूरा किया जाए। उन्होंने पार्षदों को बैठकों की कार्यवाही का पूरा विवरण भेजने के भी निर्देश दिए।
टैक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कर अधीक्षक विनय शर्मा को निर्देश दिए कि वे विभाग के कार्याे की ठीक से मॉनीटरिंग करें अन्यथा कोई भी त्रुटि पाये जाने पर वे व्यक्तिगत रुप से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सड़कों पर जगह-जगह एक मोबाइल फोन कंपनी द्वारा लगाये गए खंभों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संबद्ध कंपनी के विरुद्ध निगम द्वारा कार्रवाई की जाए। पार्षदों के सवाल के जवाब में मेयर ने कहा कि आज की बैठक नियमानुसार ही बुलायी गयी है।
मेयर वालिया ने सामुदायिक शौचालयों व सार्वजनिक शौचालयों के रख रखाव के ठेके को शीघ्रातिशीघ्र अंतिम रुप देने के निर्देश नगर स्वास्थय अधिकारी को दिए। उन्होंने पार्षदों द्वारा उठाए गए अनेक गंभीर मुद्दों के संबंध में नगरायुक्त को निर्देश दिए कि वे उप नगरायुक्त के साथ बैठकर संबंधित मामलों को दिखवा लें और यदि आवश्यकता हो तो लखनऊ शासन को भी अवगत करा दें ताकि पार्षदों को सही समय पर जवाब दिया जा सके। उन्होंने पार्षदों को भरोसा दिया कि उनके द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाओं को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा।
पार्षद मंसूर बदर ने मेयर पर की आरोपों की बौछार
इससे पूर्व बजट पर बोलते हुए पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि निगम द्वारा आय के स्त्रोत लगातार घटाये जा रहे हैं और व्यय बढ़ाया जा रहा है। मंसूर ने आय के साधन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने व पार्षद आशुतोष सहगल ने बजट के लिए बोर्ड की बैठक विलंब से बुलाने पर सवाल उठाए। लेखाधिकारी कुशवाह, उप नगरायुक्त दिनेश यादव व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चैधरी ने आय घटने की बात को खारिज करते हुए आंकड़ों की मदद से कहा कि निगम की आय लगातार बढ़ी है। पार्षद मंसूर बदर, आशुतोष सहगल, चंद्रजीतसिंह निक्कू, अशोक राजपूत, नंद किशोर आदि ने वि•िान्न मुद्दों पर सवाल उठाते हुए उनकी जवाबदेही के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया। नंद किशोर व मंसूर बदर ने निगम में शामिल किये गए 32 गांवों में टैक्स लगाने की मांग की।
बैठक में इस तरह लगाए आरोप-प्रत्यारोप
आशुतोष सहगल का आरोप था कि सदन नियमों के अनुरुप नहीें चल रहा है। सदन की अहमियत खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा पार्षदों को अनेक जानकारियों से वंचित रखा जा रहा है।
मुकेश गक्खड़ ने बजट खर्च पर निगरानी के लिए विभागवार समिति बनाने की मांग की। मुकेश व आशुतोष ने निगम परिसर में पार्षदों के बैठने की व्यवस्था करने का मामाल भी जोर शोर से उठाया।
उपसभापति रमेश छाबड़ा का कहना था कि अधिकारी सदन में सही जवाब दें। पार्षद शहजाद ने लंबे समय से एक ही सीट पर जमे बाबुओं का पटल परिवर्तन करने की मांग की।
प्रदीप उपाध्याय ने अनके मामले उठाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई निर्णय न लिया जाए जिससे मेयर व जनप्रतिनिधियों की छवि खराब हो। सुधीर पंवार ने शहर में समानांतर सलाटर हाउस चलने की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा संजय गर्ग, मानसिंह जैन, यशपाल पुंडीर, अमित त्यागी, विजय कालड़ा, शहजाद, मोनिका सिंह, शाहिद फजलुर्रहमान, टिंकू अरोड़ा, भूरा सिंह प्रजापति, पुनीत चौहान, शहजाद मलिक व अनिल आदि पार्षदों ने इलेक्ट्रिक शमशान, गऊशाला, पार्को के रखरखाव, वृक्षारोपण, अतिक्रमण, पथ प्रकाश, सफाई, सार्वजनिक शौचालय, सीवर व्यवस्था, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, नाला व सड़क निर्माण आदि कार्यो तथा वार्डो में सफाई कर्मियों की कम संख्या आदि के संबंध में प्रश्न उठाये। पार्षद रमेश छाबड़ा के प्रस्ताव पर पार्षद हाजी बहार अहमद के पुत्र के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी।
दस पार्षद बैठक से रहे गैरहाजिर
बैठक में दस पार्षद अनुपस्थित रहे। बाकि सभी 70 पार्षदों ( मनोनीत पार्षदों सहित ) ने हिस्सा लिया। बैठक में उक्त अधिकारियों के अलावा महाप्रबंधक जलकल मनोज आर्य, अधिशासी अभियंता जलकल सुशील सिंघल, अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव, एमएनएलपी बालेन्दु मिश्रा, नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी, सहायक नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ. कुणाल जैन, संपत्ति अधिकारी विनय शर्मा, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल बीएस नेगी, गैराज प्रभारी एसबी अग्रहरि, अतिक्रमण प्रभारी दानिश नकवी, मुख्य सफाई निरीक्षक अमित तोमर आदि मौजूद रहे।

