Tuesday, March 3, 2026
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हाई ब्लडप्रेशर से जुड़ीं भ्रांतियां और सच्चाई

नीतू गुप्ता

उच्च रक्तचाप का अर्थ है हाइपरटेंशन यानी हमारा ह्नदय अधिक गति से पंप कर रहा है जो ठीक नहीं। अधिक समय तक उच्च रक्तचाप रहने से, सही दवा न लेने से और परहेज न करने से शरीर को कितना नुकसान पहुंचता है, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। रक्तचाप 120/80 होना चाहिए। इससे अधिक होने पर सावधान होना चाहिए।

भ्रांति:आनुवंशिक मिले उच्च रक्तचाप को संभालना मुश्किल है।

सच्चाई: अगर आप जानते हैं आपके माता-पिता में से किसी एक का रक्तचाप उच्च रहता है तो आपको तीस साल की आयु से सावधान हो जाना चाहिए। अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर, व्यायाम कर ,खाने पीने में परहेज कर आप इसे लंबे समय तक नियंत्रित रख सकते हैं। धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें, खूब सब्जियां खाएं, कम नमक का प्रयोग करें विशेषकर टेबल नमक को बॉय बॉय करें, जंक फूड के सेवन से बचें, अपने गुस्से तनाव को काबू रखें, व्यायाम करें, दिन में कुछ समय शांत बैठें। पानी खूब पिएं।

भ्रांति: उच्च रक्तचाप सेहत के लिए खतरनाक नहीं।

सच्चाई: बहुत सारे लोग जो सेहत के प्रति जागरूक नहीं, उन्हें लगता है उच्च रक्तचाप से कुछ नहीं होता। यह वे नहीं जानते कि उच्च रक्तचाप सेहत के लिए कितना खतरनाक है। इससे ह्नदय, किडनी, दिमाग और शरीर के अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए उच्च रक्तचाप को खामोश किलर भी कहा जाता है। अपने बीपी की समय समय पर जांच करवाते रहें और समय रहते संभलें व डाक्टर से परामर्श अनुसार अपना जीवन ढालें।

भ्रांति: उच्च रक्तचाप तो उम्र बढ़ने के साथ होता है। यह तो सामान्य है।

सच्चाई: ऐसा सोचना गलत है आजकल युवाओं, बच्चों तक में उच्च रक्तचाप देखा गया है। किसी भी समय किसी भी आयु वर्ग के लोग प्रभावित हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार लगभग 5 में से 1 व्यक्ति को हाइपरटेंशन है। लाइफस्टाइल तनावपूर्ण, भागदौड़ वाला है। खाने के समय जो भी मिल जाए बस पेट भरने को खा लेते हैं जिनका प्रभाव हाई बीपी पर भी पड़ता है।

भ्रांति: हाई ब्लडप्रेशर होने पर उसे नियंत्रित करना मुश्किल है।

सच्चाई: हाई बल्डप्रेशर या हाइपरटेंशन को दवा से नियंत्रित किया जा सकता है पर जैसे ही रोगी दवा खाना भूल जाए या छोड़ दे तो ब्लडप्रेशर एकदम बढ़ सकता है। नियमित दवा का सेवन जरूरी है। इसके अतिरिक्त सक्रिय जीवनशैली अपना कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। वजन कंट्रोल में रखना भी जरूरी है। व्यायाम करें। पौष्टिक आहार व बहुत कम तेल का सेवन, कम नमक लें। धूम्रपान और शराब पीने से बचें।

भ्रांति: वाइन ह्नदय के लिए अच्छी है।

सच्चाई: यह सच नहीं है, कई शोधों के अनुसार कभी कभी थोड़ी सी वाइन लेना ह्नदय के लिए ठीक है पर सावधान रहें शराब या वाइन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाती है। नियमित थोड़ी मात्र का सेवन भी डाक्टर मना करते हैं। इससे हार्टफेल, स्ट्रोक आदि हो सकता है। विशेषकर हाइपरटेंशन वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

भ्रांति : उच्च रक्तचाप के रोगी रक्तचाप कम होने पर दवा लेना बंद कर दें।

सच्चाई : अगर आप उच्च रक्तचाप से ग्रसित हैं और दवा नियमित ले रहे हैं और अब रक्तचाप नियंत्रण में है तो अपनी मर्जी से दवा लेना बंद करेंगे तो आपके स्वास्थ्य पर बाद में प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि रक्तचाप कुछ दिन तक तो ठीक रहता है। फिर एकदम बढ़ना शुरू कर देता है और लक्षण भी ज्यादा नहीं दिखते जिसका प्रभाव किडनी, दिमाग,ह्नदय किसी भी अंग पर पड़ सकता है। इसलिए हाई बीपी वाले रोगियों को बीपी सामान्य होने पर भी बिना डाक्टर के परामर्श के दवा लेना बंद नहीं करना चाहिए।

भ्रांति: पुरुष हाइपरटेंशन के शिकार ज्यादा होते हैं।

सच्चाई:- यह सच नहीं है। महिलाएं, पुरूष दोनों ही बराबर मात्र में उच्च रक्तचाप से प्रभावित होते हैं। महिलाएं मीनोपॉज के बाद पुरूषों की तुलना में उच्च रक्तचाप के कारण ह्नदय संबंधी रोगों से ज्यादा ग्रसित होती हैं। मीनोपॉज के बाद महिलाओं को अपनी सेहत और जीवनशैली पर पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि हाई बीपी को नियंत्रित रखा जा सके।

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