जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को घेरने के लिए हर दिन नए आरोप लेकर सामने आ रहे हैं। मलिक ने इस बार दावा करते हुए कहा है कि एनसीबी अधिकारी का निकाह वर्ष 2006 में एक मुस्लिम लड़की से हुआ था।
नवाब मलिक ने आज सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर ट्वीट करते हुए लिखा कि सात दिसंबर 2006 को रात 8 बजे समीर दाऊद वानखेड़े और शबाना कुरैशी का अंधेरी (पश्चिम) मुंबई के लोखंड वाला परिसर में निकाह हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि मेहर की रकम 33000 रुपये थी।

गवाह नंबर 2 अजीज खान समीर दाऊद वानखेड़े की बड़ी बहन यास्मीन दाऊद वानखेड़े का पति था। वहीं लगातार आरोप लगाए जाने के बाद नवाब मलिक के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई।
मैं धर्म के लिए नहीं बल्कि वानखेड़े के फर्जीवाड़ा के लिए यह मामला उठा रहा हूं
नवाब मलिक इस मामले पर एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मैं जिस मुद्दे को समीर दाऊद वानखेड़े को उजागर कर रहा हूं, वह उसके धर्म से संबंधित नहीं है। मैं उन कपटपूर्ण साधनों को प्रकाश में लाना चाहता हूं जिनके द्वारा उन्होंने आईआरएस की नौकरी पाने के लिए जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया है और एक योग्य अनुसूचित जाति के व्यक्ति को उसके भविष्य से वंचित किया है।
मंगलवार को भी मलिक ने वानखेड़े पर लगाया था बड़ा आरोप
बता दें कि इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर दलित का हक छीनकर नौकरी लेने का बड़ा आरोप लगाया था। मलिक ने कहा था कि मैं दावे के साथ एक बार फिर से कह रहा हूं कि वानखेड़े ने नकली बर्थ और कास्ट सर्टिफिकेट लगाकर ही नौकरी पाई।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति फर्जी कागजातों के आधार पर शेड्यूल कास्ट कैटेगरी में नौकरी हासिल करता है, कहीं न कहीं इससे एक दलित व्यक्ति जो झोंपडी में या स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ रहा होगा, उसका हक छिनेगा। इतना ही नहीं उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए दोनों पति-पत्नी की फोटो भी जारी कर दिया। हालांकि वानखेड़े की पत्नी ने सारे आरोपों को खारिज किया है।
नवाब मलिक के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर
उधर, बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर मंत्री नवाब मलिक को एनसीबी के अधिकारियों और जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और उनके परिवार का मनोबल गिराने के लिए किसी भी तरह की टिप्पणी करने से परहेज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
यह याचिका अंधेरी (ई) निवासी कौसर अली सैय्यद, एक व्यापारी और मौलाना द्वारा दायर किया गया है। मलिक के ट्वीट का जिक्र करते हुए, जनहित याचिका में कहा गया है कि मलिक वानखेड़े और उनकी टीम का मनोबल गिराने के लिए बयान दे रहे हैं।

