जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मोकामा में एनडीए नेताओं का रोड शो अब विवादों में आ गया है। रोड शो खत्म होने के कुछ घंटे बाद ही बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि दोनों नेताओं ने जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थन में प्रचार करते हुए चुनाव आचार संहिता और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन किया।
अनुमति शर्तों और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ
मोकामा प्रशासन के अनुसार, रोड शो के दौरान भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी कई शर्तों का पालन नहीं किया गया।स्थानीय पुलिस ने रिपोर्ट में लिखा है कि चुनाव आयोग से मिली अनुमति में स्पष्ट निर्देश थे कि सभा सीमित लोगों के साथ की जाएगी, लेकिन नेताओं ने हजारों की भीड़ के साथ सड़कों पर रैली निकाली।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग यह जांच कर रहा है कि रोड शो की अनुमति किन शर्तों पर दी गई थी और किनका उल्लंघन हुआ। मोकामा थाना पुलिस ने सम्राट चौधरी, ललन सिंह और आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विपक्ष का हमला — “कानून सिर्फ आम लोगों के लिए?”
घटना पर विपक्ष ने एनडीए पर तीखा प्रहार किया है। राजद प्रवक्ता ने कहा, “चुनाव आयोग को दिख रहा है कि सत्ता पक्ष के नेता खुलेआम नियम तोड़ रहे हैं। क्या आचार संहिता सिर्फ विपक्ष के लिए लागू होती है?”
एनडीए नेताओं की सफाई
वहीं जदयू और भाजपा नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रोड शो शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ और भीड़ “स्वतःस्फूर्त” रूप से उमड़ी थी। जदयू प्रवक्ता ने कहा, “सम्राट चौधरी और ललन सिंह ने कोई नियम नहीं तोड़ा, यह विपक्ष का राजनीतिक ड्रामा है।”
बता दें कि, मोकामा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प है। जदयू ने अनंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष ने सीट पर जोरदार दावेदारी ठोकी है। ऐसे में रोड शो पर लगा यह विवाद चुनावी माहौल को और गर्म कर सकता है।

