- कांवड़ यात्रा मार्ग पर अभी सुरक्षा इंतजामों का इंतजार
- दूसरे राज्यों के कांवड़िए गुजर रहे कांवड़ नहर पटरी मार्ग से
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कांवड़ यात्रा मार्ग से राजस्थान व गुजरात जैसे दूरदराज के राज्यों के कांवड़ियों का गुजरना शुरू हो गया है। हरिद्वार से जल लेकर इन राज्यों के कांवड़िये जानी व सरधना क्षेत्र इलाके से होकर जा रहे गंगनहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग से गुजर रहे हैं। 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी, लेकिन फिलहाल दूरदराज के इलाकों इलाकों के कांवड़िये गंगाजल लेकर इसी मार्ग से लौटने शुरू हो गए हैं। जनवाणी संवाददाता ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर पहुंचकर ग्राउंड जीरों पर जमीनी हालात का जायजा लिया।
कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिस प्रकार की व्यवस्थाओं को प्रचारित किया गया है। वैसा फिलहाल तो कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। वाया कंकरखेड़ा हाइवे सरधना के कांवड़ नहर पटरी मार्ग पर मुजफ्फरनगर की खतौली सीमा तक कहीं भी ना तो सीसीटीवी कैमरा ही लगाए गए हैं और न ही पुलिस की पिकेट या पुलिस गश्त शुरू की गयी है। जनपद मुजफ्फरनगर में जरूर खतौली की सीमा पर सलावा पुलिस के समीप जरूर एक पोल पर सीसीटीवी कैमरे लगे दिखाई दिए। यहां पर पथ प्रकाश व्यवस्था भी की गयी है।
इसके अलावा दो पुलिस वाले भी नजर आए, लेकिन मेरठ की सीमा जहां से शुरू होती है। वहां सरधना व जानी क्षेत्र में पड़ने वाली कांवड़ नहर पटरी पर सुरक्षा इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। ना ही सीसीटीवी सरीखी व्यवस्थाएं की गयी हैं। वहीं, इस संबंध में एडीएम सिटी ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होगी उससे पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाएंगी।
कांवड़ यात्रा: कछुआ गति से चल रही पटरी पर तैयारी
सरधना: चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर कांवड़ यात्रा की तैयारी कछुआ गति से चल रही है। एक सप्ताह बाद कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी से राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली आदि राज्यों के लाखों शिवभक्त गुजरते हैं। इस पटरी पर प्रकाश से लेकर सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिए अधिकारियों ने पूरे जोर लगा रखे हैं। लखनऊ से लेकर जिला स्तर तक मीटिंगों का दौर चल रहा है।
मगर धरालत पर कांवड़ यात्रा की तैयारी कछुआ गति से चलती नजर आ रही है। आस्था मेला शुरू होने में एक सप्ताह रह गया है और अभी तक पटरी की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ है। पटरी से झाड़ फूंस साफ कराने और प्रकाश व्यवस्था कराने के लिए काम ही शुरू नहीं हुआ है। हालांकि विद्युत विभाग ने पटरी पर लगे खंभों को पॉलीथिन से कवर कराना शुरू कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि तैयारी पूरी होने से पहले पटरी पर कांवड़ियों की आमद हो जाएगी।

