धनगढ़ी में उग्र प्रदर्शन, सरकारी भवनों में आगजनी और तोड़फोड़
जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों की लपटें अब भारत तक पहुंच गई हैं। मंगलवार को सुदूर पश्चिम प्रदेश के कैलाली जिले के धनगढ़ी में हिंसा भड़क उठी, जिसका असर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के लखीमपुर खीरी जिले में भी देखा गया। हालात को देखते हुए गौरीफंटा सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही, पीलीभीत जिले की नेपाल सीमा पर भी आवाजाही को अघोषित रूप से रोक दिया गया है।
धनगढ़ी में बेकाबू प्रदर्शन
धनगढ़ी में हजारों की संख्या में युवाओं ने सुदूर पश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यालय में घुस आए और तोड़फोड़ करते हुए मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह और एक मंत्री की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस द्वारा हल्का लाठीचार्ज किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी शहर के बाजारों की ओर बढ़ गए, जहां उन्होंने फिर से प्रदर्शन किया।
राज्यपाल कार्यालय और नेताओं के घरों पर हमला
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल कार्यालय में घुसकर आगजनी और भारी तोड़फोड़ की। कई सरकारी दस्तावेज जलकर राख हो गए। उत्तर बेहड़ी में नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउवा और नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा के आवासों के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की। साथ ही प्रदेश सभा सचिवालय को भी नुकसान पहुंचाया गया।
कैलाली जिले में लगा कर्फ्यू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कैलाली जिला प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट
नेपाल में बिगड़ते हालातों के बीच भारत के लखीमपुर खीरी प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने गौरीफंटा सीमा पर पहुंचकर एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ पैदल गश्त की।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि हालात को देखते हुए सीमा को एहतियातन सील कर दिया गया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
डीएम का सख्त निर्देश
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि जिले के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे निरंतर अलर्ट मोड पर रहें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
बता दें कि, नेपाल में गहराते राजनीतिक असंतोष और हिंसा ने भारत के सीमावर्ती जिलों को भी सतर्क कर दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हैं और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार या और बिगड़ने की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

