- 25 किमी की दूरी में तीन कट वैध, नौ कट अवैध
- जनवरी माह में सात की हुई थी मौत, कई हुए गंभीर रूप से घायल
जनवाणी संवाददाता |
खरखौदा: जिले में अवैध कटों की भरमार है। नियमों के अनुसार जगह-जगह कट नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि होने का खतरा रहता है। अवैध कट हादसों को न्योता देते हैं। कोहरे में यह कट और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। कोहरे के कारण वाहन चालक दूसरे वाहन को नहीं देख पाता है और दुर्घटना हो जाती है। जिलेभर में विभिन्न मार्गों पर अवैध कट हैं, लेकिन अफसर इस ओर गंभीर नहीं हैं। डिवाइडरों पर रिफलेक्टर, रेडियम कलर स्ट्रिप, लाइट न होना भी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। जहां डिवाइडर हैं वहां नियम दरकिनार करके अवैध कट की ऐसी भरमार की गई है कि सुरक्षित और निश्चित भाव से सफर की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

एनएच-235 पर डिवाइडर के बीच जगह-जगह कट बने हुए हैं। इस कटों से जल्दबाजी के चक्कर में वाहन चालक वाहन निकालते हैं और दुर्घटना हो जाती है। शहर में आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं, लेकिन अफसर इस ओर गंभीर नहीं हैं। जिले के कई मार्गों पर प्रभावशाली लोगों ने अपने फायदे के लिए नियम को ताक पर रखकर अवैध कट बना लिए हैं। ऐसा नहीं है कि अफसरों को इसकी जानकारी न हो, लेकिन वह इस ओर गंभीर नहीं हैं। जिले में बड़ी सड़क दुर्घटना होने पर नियम, कायदे की बात की जाती है, लेकिन कुछ ही दिन में मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।
मेरठ-बिजली बंबा बाइपास पर प्राधिकरण ने मेरठ से हापुड़ के बीच तीन वैध कट बनाए गए। वहीं, ग्रामीणों ने भी अपनी सुविधा के अनुसार डिवाइडर तोड़कर कई अवैध कट बना लिए जो आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन कट के साथ पांची से हापुड़ के लिए बाइपास का निर्माण कराया गया। जिस पर पांची के सामने ओवरब्रिज का भी निर्माण किया गया है।

मेरठ से हापुड़ के बीच ग्रामीणों ने अपनी सुविधा के अनुसार घोसीपुर, पीपली खेड़ा, बिजौली धनोटा, खरखौदा, मंढैया, नालपुर, कबट्टा धनोरा में डिवाइडर तोड़कर जबरदस्ती अवैध कट बना रखे हैं। प्राधिकरण कई बार इन कटों को बंद करा चुका है, लेकिन ग्रामीण बार-बार अपनी सुविधा के लिए तोड़ लेते हैं। वहीं, मेरठ-बुलंदशहर हाइवे के परियोजना निदेशक डीके चतुर्वेदी सख्त कार्रवाई करने की कई बार चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात जैसा ही है।
अवैध कटों के चलते वाहन चालक तोड़ रहे नियम
एनएच-235 राष्ट्रीय राजमार्ग समेत शहर की अन्य सड़कों पर अवैध कट बने हुए हैं। जहां से वाहन चालक अपनी मनमर्जी वाहनों को क्रॉस कर उल्टी दिशा में दौड़ाते रहते हैं। मेरठ-बुलंदशहर मार्ग पर सड़क के बीच अवैध कटों की भरमार है। इससे आए दिन सड़क हादसे भी होते रहते हैं। सड़क सुरक्षा माह के दौरान नगर निगम की ओर से इन अवैध कटों को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
जनवरी माह में सड़क हादसों पर एक नजर
खरखौदा मार्ग पर ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनाए गए कट हादसों को ज्यादा न्योता दे रहे हैं। जिसमें सात लोग असमय ही मौत की गहरी नींद में सो गए हैं।
- 11 जनवरी को बिजौली गांव के सामने बने कट पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से कार सवार माधवपुरम निवासी प्रो. विनीता की मौत।
- 19 जनवरी असोड़ा निवासी नूर हसन की कैली के समीप मौत।
- 20 जनवरी कंकरखेड़ा निवासी सोनू की लालपुर के समीप मौत।
- 22 जनवरी दिल्ली निवासी रामवीर की खरखौदा के समीप सड़क दुर्घटना में मौत।
- 25 जनवरी गंगानगर निवासी अमित पुत्र सतपाल की बिजली बंबा पुलिस चौकी के समीप सड़क दुर्घटना में मौत।
- 27 जनवरी धनोटा के पास ट्रक की टक्कर से अवैध कट पर बवनपुरा निवासी कपिल व दीपक की सड़क दुर्घटना में मौत।
नोट: इन मौतों के अलावा करीब दर्जनभर लोग सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।

