Thursday, April 2, 2026
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सोनिया गांधी की अगुवाई में गोलबंद हुए गैर BJP शासित राज्य, जानिए क्या है पूरा मामला

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: नीट और जेईई परीक्षा के बहाने विपक्षी एकता एक बार फिर से गोलबंद होती दिख रही है। सात गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने तय किया है कि वे सितंबर में प्रस्तावित नीट और जेईई परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इन सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के दौर में वे नीट और जेईई परीक्षा कराने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

बता दें कि NEET की परीक्षा 13 सितंबर को प्रस्तावित है। जबकि JEE की परीक्षा 1 से 6 सितंबर को होने वाली है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को नीट और जेईई परीक्षा को लेकर सात गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है।

इस बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश सिंह बघेल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पुडुचेरी के सीएम नारायणसामी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिस्सा लिया। ये सभी राज्य कोरोना काल में नीट और जेईई की परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं।

सोनिया के साथ बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि नीट और जेईई को लेकर पहले प्रधानमंत्री के पास जाया जाए या फिर सीधा सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि समय नहीं रह गया है इसलिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का कहना है कि एक बार प्रधानमंत्री से मिलकर हमें अपनी बात कहनी चाहिए।

मीटिंग के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह लीड लें और अगर जरूरत पड़ी तो हमारी पार्टी का एक रिप्रेजेंटेटिव आपके साथ जाएगा और प्रधानमंत्री को चिट्ठी सौंपेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि हम लोग को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए क्योंकि, बच्चों के भविष्य का मामला है।

अब सातों राज्य नीट और जेईई परीक्षा को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना चुके हैं। हालांकि जब इस बाबत अंतिम फैसला लिया गया तो महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे अपना बयान देकर बाहर जा चुके थे। अब उनकी औपचारिक सहमति ली जानी बाकी है। हालांकि उद्धव सरकार कोरोना संक्रमण के दौर में पहले ही इन परीक्षाओं के विरोध में हैं।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर नीट और जेईई की प्रस्तावित परीक्षा रद्द करने की मांग की है। तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी डीएमके ने कहा है कि केंद्र को NEET की परीक्षा रद्द करना चाहिए और 12वीं के नंबर के आधार पर छात्रों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला देना चाहिए।

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