जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में आकर्षक व उच्च कोटि के अमृत सरोवर बनाने वाले प्रधानों व ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाय। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों को आय का जरिया बनाने की कार्य योजना बनाई जाए। अमृत सरोवरों से सटी हुई सरकारी जमीनों का सौंदर्यीकरण, बैरिकेटिंग कराई जाए। ऐसी व्यवस्था की जाय कि अमृत सरोवरों के आस पास की सरकारी जमीनों पर कोई अवैध अतिक्रमण ना होने पाए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों के क्रियान्वयन व प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि अमृत सरोवरों की डॉक्यूमेंट्री फिल्म जल्द से जल्द तैयार की जाए और इन फिल्मों में पौराणिक व प्राचीन कालीन सरोवरों व धर्मशालाओं का उल्लेख करते हुए उसे वर्तमान परिवेश से जोड़ते हुए जल संचयन व संरक्षण की महत्ता व महत्व पर प्रकाश डाला जाए। अमृत सरोवरो के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के विजन को हाइलाइट किया जाए। अमृत सरोवरों के निर्माण में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम पायदान पर है, डाक्यूमेंट्री में इस सर्वोत्कृष्ट परफार्मेंस को विशेष रूप से फोकस किया जाए।
डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत सभी 264 अनुमन्य कार्य आवश्यकताओं और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कराए जाएं और अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिया जाय। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को 80 हजार होमगार्ड स्वयं सेवक अमृत सरोवरों पर वृक्षारोपण करेंगे, प्रत्येक होमगार्ड स्वयंसेवक कम से कम 1 पौधे का रोपण करेंगे। पौधों के लिए गड्ढे मनरेगा से खुदवाये जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि 100 दिन काम करने वाले श्रमिकों के श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए।

