जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: राई और सरसों फसल, तिलहनी फसलों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह किसानों के लिए कम लागत और कम सिचाई में अधिक लाभ देने वाली रबी मौसम की प्रमुख फसल है। इसे मिश्रित फसल और फसल चक्र में आसानी से उगाया जा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सहायतित निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।इस योजना के तहत राई और सरसों के बीज मिनीकिट (2 किग्रा प्रति मिनीकिट) किसानों को निशुल्क प्रदान किए जाते हैं।
इस वर्ष ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2025 से 25 सितंबर 2025 तक विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर खुली रहेगी। आवेदन करने वाले पंजीकृत कृषकों में यदि आवेदन संख्या लक्ष्य से अधिक हुई, तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।चयनित लाभार्थियों को मशीन के माध्यम से राजकीय कृषि बीज भंडारों से बीज मिनीकिट वितरित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य किसानों को तिलहनी फसल उगाने में सहायता देना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और रबी मौसम की फसलों को अधिक लाभकारी बनाना है।सहारनपुर के संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि इच्छुक किसान बुकिंग की अवधि के दौरान विभाग के पोर्टल पर अपना आवेदन करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का समुचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलवाया जाए।

