- कोतवाली व देहलीगेट इलाके के तमाम इलाके बिजली पानी को हैं तरस रहे हजारों परिवार
- शीश महल में रखे ट्रांसफार्मरों में लगी आग
- लोगों का हंगामा एक्सईएन व एसडीओ को सुनाई खरीखोटी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मौका और बिजली के नखरे ऐसे कि मेरठ शहर की एक पुरानी बड़ी आबादी के हजारों परिवार पिछले 48 घंटे से बिजली पानी को तरस रहे हैं। 48 घंटे बाद भी जब निर्वाध बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई तो लोगों का सब्र जवाब दे गया। भारी संख्या में लोग जमा हो गए। जमकर हंगामा किया। जन्माष्टमी का मौका और बिजली के नखरों लोगों के गुस्से की खबर पहुंची तो प्रशासन भी हरकत में आ गया।
आनन-फानन में एक्सईएन और एसडीओ मौके पर पहुंच गए। लोगों ने जमकर खरीखोटी सुनाई। गनीमत ये रही है कि मौके पर भाजपा के विजय आनंद अग्रवाल सरीखे कुछ नेता मौजूद थे उन्होंने किसी तरह से मामला मैनेज किया। वहीं, इस संबंध में एक्सईएन प्रथम महेश कुमार ने बताया कि फाल्ट का इफेक्ट दूसरे ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ा जिसकी वजह से ये परेशानी हुई है। लगातार इसको सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दिन पहले पहला फाल्ट
कोतवाली और देहलीगेट क्षेत्र के सीमा क्षेत्र शीश महल में तीन दिन पहले यानि बीते मंगलवार को शाम करीब सात बजे अचानक तेज आवाज के साथ ट्रांसफार्मर में आग लग गयी थी। आग इतनी ज्यादा भंयकर थी कि उसका साइट इफेक्ट यहां रखे तीन अन्य ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ा। हीटवेव इतना ज्यादा हो गया कि बाकि के तीन ट्रांसफार्मरों की भी सांसें फूलने लगीं। अगले कुछ ही पल में पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
आंखे मिचौनी रही जारी
10 घंटे बाद भी निर्बाध बिजली मिल गयी हो ऐसा भी नहीं। 10 घंटे बाद बिजली तो आयी, लेकिन उसके नखरे कम नहीं हुए। बिजली का आना जाना लगा रहा। इस बीच लोग जन्माष्टमी की तैयारी में लग गए। जहां भी जन्माष्टमी की सजावटी की गयी, वहां लोग पीवीएनएल के भरोसे नहीं रहे, उन्होंने अपना वैकल्पिक इंतजाम किया हुआ था जिसके चलते बिजली के आने जाने का कोई खास असर कम से कम जन्माष्टमी की सजावट व तैयारियों पर नहीं पड़ने दिया गया।
दूसरे फाल्ट से पावर अफसरों को झटका
इसी इलाके में दूसरा फाल्ट बुधवार रात 9 बजे हुआ। इस दूसरे फाल्ट से इस इलाके के लोगों से ज्यादा झटका पावर अफसरों को लगा। हुआ यह कि जब रात 9 बजे से आज शाम चार बजे तक भी बिजली नहीं आयी तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। भारी संख्या में लोग जमा हो गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया। ऊर्जा राज्यमंत्री समेत भाजपा के नेताओं को फोन लगाकर जन्माष्टमी पर भी बत्ती गुल कर देने का उलाहना देते हुए जमकर खरीखोटी सुना डाली।

बात प्रशासन तक जा पहुंची तो आनन-फानन में मौके पर एक्सईएन महेश कुमार व एसडीओ समेत कई कर्मचारी वहां पहुंच गए। बिजली वालों को देखते ही लोगों उन्हें घेर लिया। जमकर खरीखोटी सुनाई। इस मौके पर भाजपा नेता विजय आनंद अग्रवाल, मनोज गर्ग, जीतू, रविन्द्र, अंकुर गोयल खंदक आदि भी मौजूद रहे। विजय आनंद अग्रवाल ने काम करने के तरीके को लेकर मौके पर पहुंचे अधिकारियों को खरीखोटी सुना डाली।
कम नहीं हुए बिजली के नखरे
इतना सब हंगामा व झंझट और झगड़ा होने के बाद भी बिजली की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। भाजपा नेता विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि बिजली लगातार नहीं आ रही है। शाम आठ बजे बाद तक भी बिजली की आंख मिचौनी बनी रही। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान तभी संभव है कि यहां रखे चार पुराने ट्रांसफार्मर हटाकर दो बड़े नए ट्रांसफार्मर रखवा दिए जाएं। उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि इस इलाके में बिजली चोरी जैसी कोई बात नहीं इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता कि लोड बढ़ रहा है, रिकबरी नहीं हो रही है।
बिन बिजली बन आयी जान पर
उमस भरी गर्मी और बगैर बिजली के शहर का घनी आबादी वाला कोतवाली व देहलीगेट इलाका जहां तंग गलियां और भीड़ वाला इलाका ताजी हवा चले तो भी उसका अहसास नहीं हो पाता। ऐसे यदि 10 घंटे के लिए बत्ती गुल हो जाए तो लोगों पर क्या बीतेगी इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस इलाके की बड़ी आबादी पर इन 10 घंटों का एक-एक पल बगैर बिजली के भारी गुजरा।
इंद्रा चौक हादसे से नहीं लिया पावर अफसरों ने सबक
सिविल लाइन के इंद्रा चौक इलाके में बीते मंगलवार को तेज धमाके के साथ आग लग गयी थी। आग इतनी भयंकर थी कि हाइटेंशन लाइन भी पिघल गयी। नतीजा यह हुआ कि जहां इंद्रा चौक वाले ट्रांसफार्मर से सप्लाई जा रही थी, उन इलाकों में रहने वाले बिजली पानी के लिए तरस गए। वहां भी लोगों को बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए ऐड़ियां रगड़नी पड़ीं। इंद्रा चौक वाले ट्रांसफार्मर से आसपास की बड़ी आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है। ट्रांसफार्मर में भयंकर आग और लाइनों में पिघल जाने के बाद लोगों को समझ में आ गया कि जल्दी लाइन आने की उम्मीद न रखें और हुआ भी वैसा ही।
जन्माष्टमी का पर्व होने के बाद भी इस इलाके की बिजली आपूर्ति निर्वाध रूप से बहाल नहीं की जा सकती। इंद्रा चौक पर ट्रांसफार्मर में लगी आग की घटना से सबक सीखते हुए यदि पावर अफसरों ने शीश महल में लगी आग के बाद वहां सचल ट्रांसफार्मर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ले जाकर लगा दिया होता तो न तो लोगों को मुसीबत उठानी पड़ी ना ही पावर अफसरों की ऊर्जा राज्य मंत्री के होम टाउन में इतनी फजीहत होती।

