- लगातार मिल रही थी शिकायत, एसएसपी ने लिया बड़ा एक्शन
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: एनएच-58 स्थित कृष्णा चौकी प्रभारी और हेड कांस्टेबल को एसएसपी ने शिकायत मिलने के बाद सोमवार रात सस्पेंड कर दिया। चौकी प्रभारी और हेड कांस्टेबल के खिलाफ कई मामलों में शिकायत जा रही थी। जिसके बाद एसएसपी ने दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सोमवार देर रात कृष्णा पब्लिक चौकी प्रभारी असलम हुसैन और हेड कांस्टेबल शांतुल को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सस्पेंड कर दिया। दरअसल, काफी समय से दोनों की लगातार शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंच रही थी। जिसके बाद एसएसपी ने सीओ को विभागीय जांच दी थी। दरअसल, तीन दिन पूर्व चौकी से महज 200 मीटर पहले एनएच-58 स्थित एक रेस्टोरेंट पर छात्रों के गुटों में जमकर मारपीट हुई थी।

वहीं, एक पक्ष के छात्रों ने कई राउंड हवाई फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। छात्रों के बीच हुई मारपीट व फायरिंग के चलते चौकी प्रभारी पर गाज गिर गई। वहीं, चौकी प्रभारी वह हेड कांस्टेबल के खिलाफ पुराने मामलों में भी लगातार शिकायतें जा रही थी। सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने बताया कि चौकी प्रभारी व हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।
शातिर बदमाश शारिक की जेल में फिर एंट्री
पुलिस के लिये हमेशा सिर दर्द बने रहे शारिक और सलमान को प्रशासन ने प्रदेश की दूर की जेलों में भेज कर राहत की सांस ली थी। अब लंबे समय के बाद शातिर बदमाश दिल्ली में हुए एक अपराध के मामले में जमानत मिलने के बाद मेरठ जेल में दाखिल हुआ। हालांकि जेल प्रशासन ने इस बदमाश को दाखिल कराने से इंकार किया। बाद में अदालत से अनुमति मिलने के बाद दाखिल किया गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले शारिक और सलमान के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई के कारण दोनों पक्षों में कई हत्याएं हो चुकी है। प्रशासन ने खूनी जंग को रोकने के लिये सलमान और शारिक को प्रदेश की दूसरी जेलों में ट्रांसफर कर दिया था। हत्या और जानलेवा हमले के दस से अधिक मुकदमों वाले शारिक को मेरठ से पहले अलीगढ़ और बाद में सीतापुर भेजा गया था।
शारिक को एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में ट्रांसफर किया गया था। दिल्ली तिहाड़ में शारिक को कोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने शारिक को फोर्स के साथ मेरठ जेल के लिये रवाना कर दिया। जैसे ही शारिक जेल के गेट पर पहुंचा तो जेल प्रशासन ने लेने से इंकार कर दिया। जेल अधिकारियों का कहना था कि जब शारिक को प्रशासनिक आधार पर दूसरी जेल में ट्रांसफर किया गया था
फिर उसे किस आधार पर दोबारा जेल में दाखिल किया जाए। शारिक को शाम होने के कारण जेल में दाखिल तो कर लिया गया लेकिन इसकी जानकारी संबंधित अपर सत्र न्यायाधीश को भी दी गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि शारिक को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। अदालत को शारिक के दाखिल होने की जानकारी दी जा चुकी है।