Saturday, April 4, 2026
- Advertisement -

Meerut News: सिवाया टोल पर जाम में फंसने से एम्बुलेंस में ही दम तोड़ रहे मरीज

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: एनएच-58 पर जाम की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी है। जाम में फंसने से यहां से गुजरने वाले वाहन सवारों का लाखों का तेल फुंक जाता है। खराब व्यवस्था और सॉफ्ट वेयर में खराबी होने के कारण जनता को जाम झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इमरजेंसी लाइन भी नहीं है, जिसके चलते यहां से गुजरने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है और मरीज एम्बुलेंस में ही दम तोड़ देते हैं। सिवाया टोल एक मात्र ऐसा टोल है, जहां एनएचएआई के नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। इस हाईवे पर सुविधा के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है और कई गुना अधिक टोल वसूला जा रहा है। आज रात बारह बजे से फिर टोल शुल्क में वृद्धि होने वाली है, लेकिन सुविधा सिर्फ हाईवे पर यात्रियों को जीरो दी जा रही है। एनएचएआई के अधिकारी और टोल कंपनी के अधिकारी हाईवे पर समस्याओं को अनदेखा करके टोल टैक्स की वृद्धि को नहीं भूलते हैं। उसे हर वर्ष लागू कर देते हैं।

टोल पर एंबुलेंस की राह में रुकावट

उखड़ती सांसों को जोड़ने के लिए मरीजों को लेकर मेरठ-दिल्ली की दौड़ लगाने वाली एंबुुलेंस की राह में टोल प्लाजा रुकावट बनने लगे हैं। टोल फ्री लेन पर हमेशा बैरियर लगे होते हैं। यही नहीं इन लेनों में व्यावसायिक या निजी वाहनों का धड़ल्ले से प्रवेश कराया जाता है। टोल कर्मियों की लापरवाही और मनमानी से अक्सर एंबुलेंस को जाम में फंसना पड़ता है। इससे तड़पते मरीजों को खासी परेशानी होती है।

सिवाया टोल प्लाजा पर अक्सर लगने वाले जाम की वजह से मरीजों को एंबुलेंस में ही जान गंवानी पड़ रही है, यह एक गंभीर समस्या है। जाम में फंसी एंबुलेंस में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है, जिससे उनकी हालत बिगड़ जाती है या वे दम तोड़ देते हैं। सिवाया टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम के कई कारण हैं, जिनमें वाहनों की अधिकता, लेन की कमी, और टोल प्लाजा पर लगने वाला समय शामिल हैं। जाम की वजह से एम्बुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

सिवाया टोल प्लाजा पर दोनों साइड एक-एक लेन फ्री वाहनों के लिए आरक्षित है। इसके लिए टोल कंपनी द्वारा दोनों लेन में फ्री वाहनों के लिए बोर्ड लगा होना चाहिए, लेकिन सिवाया टोल प्लाजा पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दिल्ली से आने वाले फ्री टोल बूथों पर बैरियर लगा रखे हैं। इन आरक्षित लेन में दूसरे वाहनों को निकाल कर टोल वसूली कर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। इन लेन में काफी लंबी लाइन लग जाती है। ऐसे में टोल से गुजरने वाली एंबुलेंस सहित अन्य फ्री वाहन जाम में फंस जाते हैं। जिससे एंबुलेंस में सवार मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। एनएचएआई के दिशा निर्देशों के अनुसार इन लेन में फ्री वाहन ही गुजरने चाहिए, लेकिन दिशा निर्देश की अनदेखी से आपात काल में गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। यहां पर टोल कंपनी नियमों का पालन नहीं कर रही है।

टोल प्लाजा पर शौचालय बने शोपीस

06 21

सिवाया टोल प्लाजा पर बने शौचालय भी शोपीस बनकर रह गए हैं। यहां से गुजरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबसे ये बने हैं तभी से ये शोपीस बने हुए हैं। आजतक यात्रियों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। यात्री सुविधाओं का भी अभाव है। शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं यात्रियों व चालकों की सुविधा के लिए बने सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी की टोटियां भी टूटी हुई हैं। अगल-बगल बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इस कारण कोई जाता नहीं है। पानी की भी व्यवस्था नहीं वाहन सवार पानी के लिए भटकते हैं। मजबूरी में अगल-बगल घरों के बाहर लगे नलों से पानी लेकर प्यास बुझाते हैं।

परिवहन मंत्री के सोशल मीडिया पर करेंगे वीडियो अपलोड

चार धाम की पूरी यात्रा नीला गई है, लेकिन कोई इंतजाम टोल पर नहीं किया गया है। अगर इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखना है तो रविवार को टोल पर देखा जा सकता है। एक या दो घंटे में इस जाम से निकला जा सकता है। चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि वो टोल पर लगने वाले जाम की वीडियो बनाकर केंद्रीय परिवहन मंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करेंगे।

होर्डिंग माफिया और ढाबों से वसूली में मशगूल पीडी

हाईवे पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं। हाईवे पर स्थित ढाबा संचालकों द्वारा सर्विस रोड पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन एनएचएआई के पीडी को सिर्फ होर्डिंग माफिया और ढाबा संचालकों से वसूली करने में लगे हैं। इसके अलावा पीडी को कुछ नहीं दिख रहा है। सिर्फ और सिर्फ वसूली चमक रही है।

चार धाम की यात्रा करने वालों ने मंत्री पर मंढा दोष

हाईवे से गुजरने वाले चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु भी इस टोल के जाम में फंसने के कारण केंद्रीय परिवहन मंत्री को दोष देते हुए नजर आते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखने के बाद भी टोल प्रबंधन नजर अंदाज करते हुए नजर आता है। इस जाम में फंसे रहने के कारण पैसे और तेल की बर्बादी होती है, पिछले कई वर्षो से इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।

समस्या-1

07 18

परतापुर से लेकर रामपुर तिराहे तक 78 किमी की दूरी टोल की सीमा पर है। इस हाईवे की सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइटें कई वर्षों से खराब पड़ी है और आज तक ये ठीक नहीं हुई है। हर बार इन लाइटों को ठीक करने के लिए एनएचएआई और टोलवे कंपनी द्वारा दावे किए जाते हैं, लेकिन हर बार यह सिर्फ दावे ही रह जाते हैं।

समस्या-2

सर्विस रोड हाईवे की पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। यहां से गुजरने भी दूभर हो जाता है। अंडर पास और सर्विस रोड पर अतिक्रमण होने के कारण लोगों का आवागमन बाधित होता है। एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा हर बार इस समस्या को दूर करने की बात की जाती है, लेकिन यह बात सिर्फ हवा में रह जाती है, जबकि धरातल पर कुछ नहीं होता है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP: आज से मौसम में करवट, 35 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए...

उत्पाती होते बच्चों की मानसिकता

उषा जैन ‘शीरीं’ बच्चों का अधिकतम समय शिक्षा ग्रहण करते...

नफरत किस से करू…कैसे करूं?

क्या जमाना आ गया है, जहां कभी फोटो खिंचवाने...

क्या ममता करेंगी फिर से धमाल?

अब जब चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं...
spot_imgspot_img