Thursday, April 25, 2024
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वाराणसी में प्रधानमंत्री ने किया काशी तमिल संगमम का उद्घाटन

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  • 32 करोड़ यूजर्स तक #Kashi_Tamil_Sangamam के जरिए पहुंचा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश
  • ट्विटर पर साढ़े चार घंटे तक टॉप ट्रेंड में बना रहा ‘काशी तमिल संगमम’ हैशटैग
  • 64 हजार बार हैशटैग के जरिए यूजर्स ने की भावनाओं की अभिव्यक्ति
  • 25 हजार बार यूजर्स ने हैशटैग के साथ किया पोस्ट

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: शिव की नगरी वाराणसी में शनिवार को काशी तमिल संगमम का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया। इसे लेकर वाराणसी सहित तमिलनाडु में जहां उत्साह का माहौल है, वहीं मशहूर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर भी इस आयोजन को यूजर्स का जमकर समर्थन मिला।

ट्विटर पर हैशटैग काशी तमिल संगमम (#Kashi_Tamil_Sangamam) तकरीबन 32 करोड़ यूजर्स तक एक भारत श्रेष्ठ भारत के पैगाम को लेकर पहुंचा। वहीं लगभग 64 हजार बार यूजर्स ने लाइक, रीट्वीट और रिप्लाई के जरिए अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति की। इसके अलावा तकरीबन 25 हजार यूजर्स ने सीधे सीधे इस हैशटैग के जरिए पोस्ट किया।

बता दें कि काशी और तमिलनाडु के बीच सहस्त्राब्दियों से चले आ रहे कला, संस्कृति, स्थापत्य और साहित्य के आदान-प्रदान को ताजगी देने के लिए वाराणसी में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया जा रहा है। एक माह तक चलने वाले इस आयोजन में तमिलनाडु से 12 समूहों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग काशी पधारेंगे। वाराणसी में दो दिन बिताने के बाद समूह प्रयागराज और अयोध्या भी जाएगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु से वाराणसी आये ‘आधिनमों’ का किया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को बीएचयू के एम्फीथियेटर ग्राउंड में काशी तमिल संगमम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के प्रमुख मठ मंदिरों के आधिनमों (धमाचार्य) का सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के जिन नौ आधिनमों का सम्मान किया उनमें धर्मपुरम के आधीनम श्रीमद माणिक्कवाचक तंबिरान, सूर्यनार के आधिनम स्वामी शिवकर देशिकर्, वेलांकुरिच्ची के आधीनम श्रीलश्री सत्य ज्ञान महादेव देशिक परमाचार्य स्वामिगल, सेंकोल के आधीनम शिवप्रकाश देशिक सत्य ज्ञान पण्डार सन्नदि, बोम्मपुरम के आधीनम श्री शिवज्ञान बालय स्वामिगल, तुलावूर के आधीनम श्री ज्ञानप्रकाश देशिकर, कामाक्षीपुरी के आधीनम श्री शिवलिंगेशवर स्वामी कंदस्वामी, शिवपुरम के आधीनम श्री मायाकृष्णन स्वामी दिण्डुक्कल और पल्लडम सेंजेरी के आधीनम श्री मुत्तु शिवरामस्वामी शामिल रहे।

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गंगा और कावेरी की ज्ञानधारा का संगम बना काशी तमिल संगमम

आगामी 16 दिसम्बर तक चलने वाले काशी-तमिल संगमम में कला व संस्कृति के विविध रूप देखने को मिलेंगे। शिक्षा, साहित्य, पुरातत्व, इतिहास, कला, संगीत, योग, आयुर्वेद और व्यापार आदि से जुड़े तमिलनाडु से अतिथियों का समूह काशी आने लगा है। काशी दर्शन के पश्चात ये सभी अयोध्या व प्रयागराज भी भ्रमण करने जाएंगे। आयोजन के दौरान बौद्धिक, सांस्कृतिक, अध्यात्मिक और कलात्मक विषयों पर विभिन्न संगोष्ठियां होंगी।

इसके अलावा कार्यक्रम में दक्षिण भारतीय संगीत परंपरा व कला की भी झलक दिखेगी। कलाकारों की ओर से शास्त्रीय नृत्य, भरतनाट्यम और लोक नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी। कला-संस्कृति, संगीत परंपरा, लोक जीवन शैली और धरोहरों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही तमिल फिल्म महोत्सव और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का फूड फेस्टिवल भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। संगमम् में कुल 75 स्टाल लगाए गए हैं, जो कृषि, संस्कृति, साहित्य, संगीत, खानपान, हैंडलूम व हेंडीक्राफ्ट, लोककला के माध्यम से दक्षिण भारत और उत्तर भारत के बीच सेतु का काम करेंगे। इन उत्पादों में तमिलनाडु के जीआई और ओडीओपी उत्पाद भी शामिल हैं। काशी के भी कुछ आर्टिजन जीआई उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

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