सिपाही करता है वसूली और अफसर होते हैं उपकृत !
सेक्टर-2 में कई जगह से शिकायतें, कार्रवाई किसी पर भी नहीं
किसी की मांग का सिंदूर उजड़ा तो किसी के बच्चे के सर से उठ गया बाप का साया
जनवाणी टीम |
सहारनपुर: बागपत और मेरठ में शराब से अकाल मौत ने एक बार फिर सरकार की नींद उड़ा दी है। एक-डेढ़ साल पहले सहारनपुर में तो जहरीली शराब ने 100 से ज्यादा जिंदगानियां लील ली थीं।
फिलहाल, हालात ठीक नहीं हैं। इन दिनों ओवररेटिंग के अलावा शराब की बोतलों में पलटी भी की जा रही है। आपदा की इस घड़ी में विभाग के कुछ इंसपेक्टर बड़े अफसरों की कृपा से वसूली भी करा रहे हैं। वह भी एक ऐसे सिपाही से जो कि मुरादाबाद स्थानांतरित हो चुका है।
बता दें कि गागलहेड़ी क्षेत्र के कोलकीं, माली, पुंडेन तीनों गांवों में जहरीली शराब के सेवन से एक-डेढ़ साल पहले कई जिंदगियां चली गई थीं। किसी की मांग का सिंदूर उजड़ा तो किसी के बच्चे के सर से बाप का साया उठ गया।
उस दरम्यान लगातार एक सप्ताह तक चले मौत के तांडव से हाहाकार मच गया था। गागलहेड़ी शराब कांड की गूंज लखनऊ योगी दफ्तर तक दस्तक दे आई थी। हरेक घंटे में एक चिता चल रही थी।
कोलकीं कला में शराब कांड के बाद धीरे-धीरे अब हालात सामान्य हैंं लेकिन, देश के किसी भी कोने में अगर शराब कांड होता है तो यहां के लोगों के जख्म हरे हो जाते हैं। इन दिनों मेरठ और बागपत में शराब से हुई मौतों से हर कोई सहमा हुआ है।
दरअसल, देहात में अवैध शराब की भट्ठियां फिर से दहकने लगी हैं। यहां आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध लगती है। सूत्रों का कहना है कि देवबंद के कुछ क्षेत्रों में, बेहट, गंगोह और नकुड़ के कुछ गांव में शराब की भट्ठियां दहक रही हैं।
विभाग कुछ नहीं कर रहा है। यह तो रही देहात की बात। शहर में भी कम अंधेरगर्दी नहीं है। सेक्टर दो में कई ठेकों पर ओवररेटिंग की जा रही है।
एक सिपाही पुंवारका ठेके के पास वसूली करता है। सूत्रों का कहना है कि यह विभाग के इंस्पेक्टर का करीबी है। इसका तबादला मुरादाबाद हो चुका है फिर भी यहां पर ड्यूटी बजा रहा है। यह सिपाही विभाग के एक आला अधिकारी का भी नजदीकी है।
कल्याणपुर समेत कई गांवों में बनाकर बेची जा रही कच्ची शराब
सरसावा। कस्बे एवं समीपवर्ती इलाकों में बिक रही अवैध शराब कहीं बागपत के चमरावल में हुई घटना की पुनरावृत्ति न कर दे। कल्याणपुर समेत कई और गांवों में कच्ची शराब जमकर बिक रही है।
जिला बागपत के ग्राम चमरावल में जहरीली शराब ने 6 लोगो की जीवन लीला को समाप्त कर दिया। थानाक्षेत्र में शायद ही ऐसा कोई गांव बचा है जहां अवैध रूप से शराब बेची या परोसी न जा रही हो।
कस्बे में नकुड़ रोड, मोहल्ला हरिजनांन, अम्बाला रोड, रामनगर, पूर्वी बाजार के अलावा देहात इलाकों में अवैध शराब का धंधा अपनी चरमसीमा पर है।
शराब के अवैध धंधे का मुख्य केंद्र थानाक्षेत्र का ग्राम कल्याणपुर है। ऐसा नही है कि पुलिस व आबकारी विभाग को क्षेत्र में अवैध रूप से फल फूल रहे शराब के अवैध कारोबार की कोई भनक नहीं है बल्कि पुलिस व आबकारी विभाग की शह में ही अवैध शराब से जुड़े लोग इस कारोबार के सरगना बन बैठे हैं।
पुलिस शराब माफियाओं के खिलाफ चलाए गए अभियान में छोटे शराब तस्करों को पकड़ उनसे 1 या 2 पेटी शराब बरामद कर अपने काम की इतिश्री कर लेती है लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस अवैध कारोबार कर रहे शराब माफियाओं पर कोई कार्रवाई नही करती।
पूर्व में ग्राम कुतुबपुर में जहरीली शराब पीने से मौत हो चुकी है लेकिन पुलिस ऐसी घटनाओं से सबक लेने की बजाए शराब माफियाओं का साथ दे रही है।
जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।

