- परीक्षा केंद्रों पर सख्त चेकिंग, युवतियों के जूड़े तक भी खुलवाए
- सुबह नौ बजे से परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की लग गयी थी लंबी कतारें
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कडेÞ सुरक्षा और चाक चौबंद इंतजामों के बीच आज पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू हुई। शहर में 35 परीक्षा केंद्रों पर सिपाही भर्ती की परीक्षा का आयोजन किया गया है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी व जैमर लगाए गए थे। परीक्षा शुरू होने से पहले मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी ने यह जांच की कि सभी सीसीटीवी व जैमर सही काम कर रहे हैं या नहीं। परीक्षा शुरू होने से पहले सख्त जांच घेरे से होकर तमाम परीक्षार्थी कक्ष में पहुंचे।
परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है परीक्षा कक्ष में जाने से पहले लड़कियों के बाल तक खुलवाकर तलाशी ली गयी। हालांकि इसको अभिभावकों ने गलत बताया। तलाशी के इस तरीके से कई परीक्षार्थी खिन्न भी दिखाई दीं। परीक्षा से दो घंटे पहले ट्रेजरी से प्रश्न पत्र केंद्रों पर पहुंचाए गए। पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए जनपद भर में कुल 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

इन सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटा पहले से ही लंबी लंबी कतारें लगनी शुरू हो गयी थीं। इन कतारों में लड़के -लड़कियां दोनों ही अपने हाथों पर एडमिट कार्ड लेकर खडेÞ थे। दरअसल परीक्षा से एक घंटा पहले तमाम परीक्षार्थी इसलिए केंद्र पर पहुंचे थे ताकि समय रहते अपनी सीट व कक्ष देख सकते और बाद में उसको तलाश करने में वक्त जाया न हो, लेकिन गेट करीब 15 मिनट पहले ही खुला।
जांच के नाम पर सख्ती
पुलिस भर्ती परीक्षा में जांच व तलाशी के नाम पर जो सख्ती की गयी थी वह जरूर अखरी। परिजनों का कहना था कि तलाशी के नाम पर जो कुछ किया गया वह स्वीकार्य नहीं। तलाशी जरूरी लीजिए, लेकिन ऐसा न हो कि परीक्षा से पहले तलाशी के नाम पर वो कुछ किया जाए जो परीक्षा देने से पहले मेंटली डिस्टर्ब कर दे, लेकिन इन तमाम बातों का परीक्षा केंद्र के भीतर भेजने से पहले तलाशी लेने वालों पर कोई असर नजर नहीं आया।

पेपर देखकर खिले चेहरे
पहली पाली का पेपर दोपहर 12.5 बजे निपट गया था। हालांकि कक्ष से बाहर आने में परीक्षार्थियों को करीब दस मिनट का समय लग गया। पेपर का वक्त पूरा होने के बाद कापियां जमा करने तथा अन्य कार्य पूरा होने तक परीक्षार्थियों को कक्ष में ही रुके रहने की हिदायत दी गयी थी।
जो परीक्षार्थी बाहर आए उनसे जब संवाददाता ने बात की तो उन्होंने बताया कि पेपर बहुत आसान था। शानदार था। जिसने थोड़ी भी तैयारी की होगी वह इस पेपर को आसानी से साल्व कर सकता है। इसी तर्ज पर दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से शुरू हुई।
पारदर्शी तरीके से परीक्षा
- सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और जैमर लगाए गए हैं। प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों के सामने खोले जाएंगे। हर केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। अभ्यर्थियों की बायो मीट्रिक और फेस रीडर जांच होगी। सीसीटीवी का कंट्रोल रूम हर केंद्र और पुलिस लाइन में भी रहेगा, वहां से किसी भी केंद्र पर निगरानी की जा सकती है। -ध्रुवकांत ठाकुर, एडीजी मेरठ जोन
सीओ की निगरानी में थे केंद्र
पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्र की निगरानी का जिम्मा एएसपी व सीओ स्तर के अफसर था। सर्किल में जितने भी परीक्षा केंद्र बनाए गए उन सभी पर लगातार संबंधित सीओ पहुंचते रहे। उन्होंने खुद केंद्र के भीतर जानकार निरीक्षण किया और जो भी केंद्र के व्यवस्थापक थे उनसे भी लगातार अपडेट लेते रहे। इससे पूर्व पर्यवेक्ष के रूप में लखनऊ से रिटायर आईजी आरके चतुर्वेदी शुक्रवार को मेरठ पहुंच गए थे। आईजी, एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात और एसपी ट्रैफिक ने केंद्रों का निरीक्षण किया। दो दिन चलने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 14 सेक्टर बनाए गए हैं,

हर सेक्टर की जिम्मेदारी सीओ को दी गई है। परीक्षा के बाद मजिस्ट्रेट की निगरानी में उत्तर पुस्तिका ट्रेजरी में रखी गर्इं। एसपी यातायात राघवेंद्र मिश्रा परीक्षा के सहायक नोडल अफसर बनाए गए हैं। एसपी सिटी, एसपी देहात और एसपी क्राइम भी लगातार निगरानी करेते रहे। बस अड्डों और सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। परीक्षा केंद्रों पर ही पार्किंग की व्यवस्था की गयी थी। तमाम इंतजाम माकूल नजर आए।
एसटीएफ समेत कई एजेंसियां
परीक्षा में नकल न हो इसको लेकर एसटीएफ की पूरी निगरानी कर रही है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सर्विलांस सेल की टीम भी सोशल मीडिया की निगरानी में लगाई गई इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस शनिवार और रविवार को छात्रों की बाइक-कार की चेकिंग नहीं करेगी। कहीं जाम लगा तो संबंधित थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की जवाबदेही होगी।
भीड़ और जाम के झाम से पुलिस के इंतजाम धड़ाम
पुलिस भर्ती परीक्षा पहले दिन सकुशल संपन्न होने के बाद पूरा शहर जाम की चपेट में था। यहां तक कि बाइपास, दिल्ली रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड जैसे शहर के बार्डर एरिया वाले इलाके में भी जाम के चपेट में थे। शाम करीब छह बजे से आठ बजे तक पुलिस भर्ती परीक्षा का साइड इफेक्ट पूरे शहर में पर नजर आ रहा था। परीक्षा संपन्न होने के बाद सड़कों पर यातायात जाम हुआ। बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन ऊपर छात्रों की भीड़ जमा हुई। पहले से ही पुलिस बल लगाकर यातायात सुचारू की गई है। शीर्ष अधिकारियों ने भी परीक्षा केंद्रों का दौरा कर जायजा लिया।
हालांकि एसएसपी रोहित सिंह सजवाण की सख्त हिदायत थी कि व्यवस्था इस प्रकार से बनायी जाए कि परीक्षा संपन्न होने के बाद कहीं जाम न लगे, लेकिन इसके बाद भी जाम में फंसकर पूरा महानगर करीब एक घंटे तक कराहता रहा। पहले दिन की परीक्षा करीब छह बजे संपन्न हो गयी थी। परीक्षा के साइड इफेक्ट की यदि बात करें तो उसका असर शाम साढेÞ छह बजते-बजते सड़कों पर दिखाई देना शुरू हो गया था। शहर में जिस तरफ भी जाएं वहां वाहनों की लंबी-लंबी कतारें और गाड़ियों के हौरन टेंशन ही दे रहे थे।

हालांकि एसपी ट्रैफिक राघवेन्द्र मिश्रा के जाम न लगने देने के इंतजाम साफ नजर आ रहे थे। शहर का कोई भी तिहारा या चौराहा ऐसा नहीं था जहां टैÑफिक पुलिस का स्टाफ न हो। बड़े चौराहों पर तो आठ से 10 तक टैÑफिक सिपाही मुस्तैद थे, लेकिन वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा था कि एक साइड का टैÑफिक महज तीन मिनट के लिए खोलते ही दूसरी साइड में गाड़ियों लंबी कतारें लग जाती थी।
नहीं लगने दिया जाम
- परीक्षा को देखते हुए समुचित इंतजाम किए गए थे। काम बेहद चुनौती पूर्व था, लेकिन कहीं भी दो या तीन मिनट रेड लाइट या सिग्नल को अपवाद मान लिया जाए तो गाड़ियों के पहिये रुकने नहीं दिए गए। -राघवेन्द्र मिश्रा, एसपी टैÑफिक, मेरठ

