जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। गुरुवार को इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में हुई एक अहम बैठक के बाद इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी हिस्सा लिया। उनके साथ कई अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
#WATCH | Delhi | Congress Parliamentary Party Chairperson and MP Sonia Gandhi joins the INDIA Bloc protest against the Special Intensive Revision (SIR) and the "arrest of labourers in BJP-ruled states" outside the Parliament. pic.twitter.com/Ik6BeF5olo
— ANI (@ANI) August 7, 2025
विपक्ष का क्या है आरोप?
विपक्षी सांसदों का आरोप है कि बिहार में मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण पारदर्शी नहीं है। उनका दावा है कि कुछ इलाकों में जानबूझकर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोगों के वोटिंग अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने इसे एक “राजनीतिक मकसद से प्रेरित प्रक्रिया” करार दिया है।
टीएमसी ने उठाई आवाज?
विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद भी सक्रिय रहे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर संसद परिसर में मार्च किया। तख्तियों पर लिखा था: “बंगाल का अपमान बंद करो”। टीएमसी सांसदों का आरोप है कि केंद्र सरकार और कुछ नेता बार-बार पश्चिम बंगाल और उसकी सरकार को बदनाम कर रहे हैं और संसद तथा मीडिया में गलत छवि पेश कर रहे हैं।
विपक्षी एकता का संदेश
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने सरकार को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और अधिक आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।
सत्तापक्ष की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा तेजी से गरमाता नजर आ रहा है।

