
खिलाड़ी कोई भी हो, देश का मान-सम्मान होते हैं। कोई भी देश हो वह हमेशा अपने खिलाड़ियों पर गर्व करता है, क्योंकि खिलाड़ी तमाम मुश्किलें झेलते हुए अपनी अथक मेहनत और बहुत कुछ सहकर देश के लिए पदक जीतते हैं। वास्तव में खिलाड़ियों की जीत ही देश की जीत होती है, लेकिन आज खिलाड़ी उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार, यौन उत्पीड़न को लेकर सड़क पर उतर आए हैं, यह बहुत ही गंभीर व संवेदनशील है कि आज खिलाड़ियों की आवाज को अनदेखा किया जा रहा है।