- घंटाघर स्थित डाकघर में दरार आने का मामला मलबा हटाने का काम रोका
- डाक अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद सिविल विंग की टीम के मुआयना की कही बात
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: घंटाघर स्थित डाकघर में दरार आने के मामले को लेकर शुक्रवार को डाक विभाग के पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह बरेली से मेरठ पहुंचे। उनके साथ लखनऊ से निदेशक आनंद कुमार सिंह व सहायक निदेशक नवीन निगम भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने डाक प्रवर अधीक्षक अनुराग निखारे के साथ प्रधान डाकघर के पूरे भवन का निरीक्षण किया। जिसके बाद डाक अधिकारियों ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल से भेंट करते हुए पूरी स्थिति से अवगत कराया।
सांसद ने डाक सुविधाओं को शीघ्रता से बहाल व डाकघर के बराबर में निर्माणाधीन भवन की जांच के लिए निर्देशित किया। इससे पहले सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने डाकघर के बराबर में निर्माणाधीन बिल्डिंग के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। वहीं, डाकघर भवन के आधे हिस्से में डाक सेवाओं के संचालन पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, दिल्ली से आएगी सिविल विंग टीम के पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने बताया कि डाकघर भवन में कितना नुकसान हुआ है,

भवन के आधे हिस्से में डाक कार्य संचालित होने की क्या संभावना है। इन सभी बिंदुओं पर जांच के लिए सिविल विंग की टीम को दिल्ली से बुलाया जाएगा। यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर डाक विभाग के निदेशालय में सौंपेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। प्रवर अधीक्षक ने डाक सेवाओं को जारी रखने के लिए डीएम को घंटाघर के आसपास वैकल्पिक व्यवस्था कराने को पत्र लिखा है।
नवीन मंडी में समस्याओं का अंबार, विकास कार्यों की दरकार
जनपद एवं महानगर की सबसे बड़ी मंडी में समस्याओं का अंबार है। मंडी परिसर में बदहाली पसरी हुई है और मंडी के व्यापारी एवं आढ़ती जहां एक तरफ परेशान हैं। वहीं मंडी समिति के सचिव एवं सभापति के द्वारा कई बार प्रस्ताव बनाकर समस्या के समाधान के लिए शासन को भेजे गये, लेकिन अभी तक उन पर संज्ञान नहीं लिया गया। अब फिर से मंडी परिषद के सचिव से व्यापारियों ने समस्याओं के समाधान की मांग की है। जिस पर संज्ञान लेते हुये सचिव ने शासन को इस संबध में पत्र लिखा है।
दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी परिषद परिसर में इन दिनों बदहाली चरम पर है। जिसमें नलों के खराब होने के कारण मंडी में आने वाले व्यापारी एवं आढ़ती पेयजल समस्या को लेकर परेशान हैं। वहीं विद्युत लाइटें भी खराब होने के कारण पथ प्रकाश व्यवस्था भी खराब है। बरसात के समय परिसर में जल निकासी की समस्या खड़ी हो जाती है। इन तमाम समस्याओं को लेकर मंडी सचिव विजिन कुमार एवं सभापति नगर मजिस्ट्रेट अमरेश कुमार ने व्यापारियों की मांग पर फिर से शासन को पत्र लिखा है।
जिसमें 10 एचआर सबमर्सिबल, 8 खराब पडेÞ हैंडपंपों का रीबोर कराकर ठीक कराने व मंडी परिसर में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जो समिति की तरफ से बनाये गये हैं। वह भी बदहाल हैं, लेकिन सार्वजनिक पिंक शौचालय होने चाहिए वह नहीं हैं। लाइटों के खराब होने से पथप्रकाश की व्यवस्था भी बदहाल है।
व्यापारी नेता पदम सिंह सैनी का कहना है कि जो प्राइवेट कंपनी बनाती है यदि मंडी समिति परिषद के लखनऊ स्तर के अधिकारी अनुमति दें तो व्यापारी निजि कंपनी से मिलकर शैचालय निर्माण करा सकते हैं, लेकिन अभी तक लखनऊ से अनुमति नहीं मिल सकी। इस संबंध में मंडी सचिव विजिन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जल्द ही उस पर कार्रवाई होने की उमीद है।

