Sunday, July 25, 2021
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खनन पट्टो की जांच रिपोर्ट तैयार जिलाधिकारी की कार्रवाई का इंतजार

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  • अवैध खनन को लेकर लगे आरोपों के बाद हो रही लगातार जांच
  • एडीएम-एसडीएम स्तर पर छापेमारी कर रिपोर्ट तैयार की गई

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: हरियाणा के खनन ठेकेदार द्वारा शामली जनपद में अवैध खनन के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और कमिश्नर को शिकायती पत्र भेजने के दावों के बाद तीन दिनों से लगातार जनपद के खनन पट्टों पर छापेमारी हो रही है। जिलाधिकारी स्तर पर गठित टास्क फोर्स ने कैराना, झिंझाना क्षेत्र के ज्यादातर खनन पट्टों की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी और उसके बाद देखने वाली बात होगी कि सभी खनन पट्टा ठेकेदारों को क्लीन चिट दी जाती है या फिर कोई कार्रवाई भी होती है।

हरियाणा के खनन ठेकेदार ने शामली जनपद के एक खनन प्वाइंट से अवैध रेत खनन करने और करोड़ों रुपये का रेत उठाकर हरियाणा राज्य के जनपद करनाल के मंगलौरा में 150 बीघा भूमि पर 40 फीट ऊंचा पहाड़ लगाने के आरोप लगाए थे। जनपद के कई अधिकारियों पर भी खनन माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप लगे थे। खनन ठेकेदार दीपक उर्फ पानू ने यह भी दावा किया था कि उसने सभी आरोपों से संबंधित शिकायती पत्र जिलाधिकारी शामली और कमिश्नर सहारनपुर को भी भेजा है।

वहीं उसके बाद जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पांच सालों के लिए आवंटित किए गए खनन पट्टों की जांच के लिए एक टास्क फोर्स टीम का गठन किया। पहले दिन अपर जिलाजिलाधिकारी अरविंद सिंह ने एसडीएम, सीओ, राजस्व व प्रदूषण विभाग के साथ कैराना क्षेत्र के खनन प्वाइंटों के साथ मंगलौरा में 40 फीट ऊंचे टीले का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई थी। उसके बाद एसडीएम कैराना ने भी सोमवार को खनन प्वाइंटों पर जांच पड़ताल की। मंगलवार को एसडीएम ऊन मणि अरोरा के नेतृत्व में टास्क फोर्स टीम ने शीतलगढ़ी खनन प्वाइंट पर पहुंचकर जांच की।

इसके साथ ही तीन माह का पट्टा चौसाना क्षेत्र में भी छोड़ा गया है उसकी भी जांच की। टास्क फोर्स टीम ने खनन पट्टों की पैमाइश करार्ई। खनन क्षेत्रफल का सिजरे से मिलान किया गया। इसके अलावा अन्य मानकों की भी जांच की गई। उपजिलाधिकारी मणि अरोरा ने बताया कि जांच आख्या जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। जांच के आधार पर अनियमितता पाए जाने पर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

वहीं जनपद में तीन माह के लिए छोड़े गए कुछ खनन पट्टों को छोड़कर पांच सालों के लिए छोडे गए पट्टों की अधिकारियों ने हर स्तर पर गहणता से जांच पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही सभी अधिकारी अपनी आख्या रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देंगे। अब देखने वाली बात है कि जिलाधिकारी इन जांच रिपोर्ट की आख्या के बाद कोई कार्रवाई करती हैं या सभी को क्लीन चिट मिल जाएगी।

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