जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में भारतीय समाज और राष्ट्र के विभिन्न पहलुओं पर गहरी जानकारी साझा की, जो इस समय की प्रगति और आने वाले भविष्य की दिशा को दिखाती है। उनके भाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दे थे, जिनमें ऐतिहासिक घटनाओं, शहीदों की श्रद्धांजलियां, और सरकार की नीतियों का जिक्र था।
उनकी बातों में एक खास जोर देश की सुरक्षा और समाजिक सशक्तिकरण पर था, जिसमें विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भारत ने अपने सैनिकों की वीरता से दुनिया को एक संदेश दिया, और यह भी बताया कि भारत शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां और भी महत्वाकांक्षी योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास के लिए ‘विकसित भारत-ग्राम विकास कानून’ और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण होना सरकार की सफलता का प्रतीक है। साथ ही, उनका यह कहना कि भारत अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, यह दर्शाता है कि यह सरकार भविष्य के लिए एक ठोस और स्थिर नींव रख रही है।

