Friday, February 13, 2026
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खुद कर लिया प्रमोशन, कर्मचारियों पर कसी नकेल

  • नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में खुलकर चल रहा भ्रष्टाचार
  • चहेते कर्मचारी हो रहे हैं बेलगाम, अपनी चला रहे हैं मनमर्जी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में अफसर की शह पर कर्मचारी बेलगाम हो रहे हैं। अपनी मनमर्जी से यह चहेते कर्मचारी खुद ही अपना प्रमोशन कर लेते हैं तथा खुद ही अपनी मर्जी से मनचाही सीट पर स्वयं तैनात होने का दावा भी करते हैं। ऐसे ही एक महिला कर्मचारी ने अपनी मनमर्जी से अपने को सुपरवाइजर घोषित कर दिया तथा अपने साथी सहकर्मियों पर नकेल कसनी भी शुरू कर दी। जबकि दूसरे कर्मचारी ने अपने आप ही अपना प्रमोशन करते हुए लिपिक पद पर कार्य शुरू कर दिया। लेकिन कहते हैं झूठ के पांव नहीं होते हैं। कर्मचारियों ने इस महिला सहकर्मी का पूरा चिट्ठा नगर आयुक्त को सौंपते हुए मूल पद पर मूल नियुक्ति स्थल पर भेजने की गुहार की है।

नगर निगम में इन दिनों जमकर फर्जीवाड़ा चल रहा है। जिसका जहां दांव चढ़ रहा है, वह अपनी वहां मनमर्जी चला रहा है। ऐसे ही एक मामले में नगर निगम की एक महिला कर्मचारी ज्योति को स्वच्छकार मित्र बनाकर उसको प्रह्लाद नगर में ड्यूटी दे दी गई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वार्ड-56 के अन्तर्गत आने वाले प्रह्लाद नगर में ही इस महिला स्वच्छकार का निवास भी है। इस महिला स्वच्छकार ने कभी भी अपने मूल पद पर कार्य नहीं किया, लेकिन इस शासनादेश के विपरीत नगर निगम में महिला स्वच्छकार ने अपनी नियुक्ति के दूसरे साल में ही इस महिला स्वच्छकार ने अपना प्रमोशन करके अपने को सुपरवाइजर घोषित कर दिया।

जबकि वर्ष 2020 में लॉक डाउन के चलते लोगों की जान के लाले पड़े हुए थे। सबसे अधिक पीड़ा में स्वच्छकार मित्र थे। इस महिला स्वच्छकार ने चालाकी दिखाते हुए अपना प्रमोशन होने की बात प्रचारित करते हुए सुपरवाइजर घोषित करते हुए अपनी नियुक्ति भी अपने मूल निवास वार्ड-56 में ही दर्शित की। स्वच्छकार मित्र ज्योति के फर्जीवाड़े का उसी के सहकर्मियों पंकज चंडालिया, अमित नागर, नितिन, सचिन नागर, राहुल उपाध्याय आदि ने मोर्चा खोल दिया है। इन सहकर्मियों ने इस मामले में नगर आयुक्त से लेकर मंडलायुक्त तक से शिकायतें कर दी हैं।

इसी तरह एक-दूसरे मामले में नगर निगम के रिठानी जोन में स्वच्छकार मित्र के पद पर कार्यरत सुरजीत नामक कर्मचारी ने अपनी नियुक्ति के 10 साल बाद अपना प्रमोशन नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में लिपिक के पद पर होने की बात प्रचारित करते हुए सेटिंग से लिपिक के पद पर कार्य करना प्रारम्भ भी कर दिया। जबकि उसके साथ नियुक्त हुए अन्य कर्मचारी अब भी स्वच्छकार मित्र के पद पर कार्य कर रहे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नगर निकायों में कर्मचारियों को उनके मूल पद पर ही कार्य करने के स्पष्ट आदेश हैं। 10 जनवरी 2024 को जारी शासनादेश संख्या-2/7462/39 विविध/टैक्स के अनुसार जो कर्मचारी जिस पद पर है, उसे उसी मूल पद पर कार्य कराने के लिए आदेशित किया गया है। यह शासनादेश उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय के निदेशक की ओर से जारी किया गया है।

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