Tuesday, June 25, 2024
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निकालनी थी पथरी, डाक्टर ने निकाल दिया गाल ब्लैडर

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  • घोर लापरवाही: जगत हास्पिटल में हुआ कारनामा, दो घंटे तक मरीज को जाने नहीं दिया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उफ! यह तो हद हो गई। गढ़ रोड स्थित जगत हॉस्पिटल में एक वृद्ध महिला का आपरेशन करने में एक सर्जन ने घोर लापरवाही बरती। डाक्टर ने पथरी को निकालने की जगह गाल ब्लैडर की निकाल डाला। इसको लेकर हॉस्पिटल में हंगामा हुआ। जब तीमारदार महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने लगे हॉस्पिटल के स्टाफ ने दो घंटे तक उक्त मरीज की एम्बुलेंस को बाहर जाने नहीं दिया।

लक्ष्मीनगर मवाना निवासी 60 वर्षीय मिथलेश शर्मा पत्नी नरेन्द्र शर्मा के परिजनों ने बताया कि मिथलेश को किडनी में पथरी थी। सुबह उन्हें बहुत दर्द हुआ तो वे गढ़ रोड स्थित जगत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने उन्हें तुरंत आपरेशन कराने की सलाह दी। उन्हें तभी भर्ती कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सर्जन डा. शैलेन्द्र शर्मा ने आपरेशन किया। उन्होंने गुर्दे में से पथरी की जगह गाल ब्लैडर निकाल दिया।

जब डाक्टर ने उन्हें बताया कि उनका गाल ब्लैडर निकाल दिया गया तो उन्होंने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि जब गुर्दे में पथरी थी तो गाल ब्लैडर क्यों निकाला गया। इस पर परिजनों और अस्पताल के स्टाफ में नोकझोंक हुई। उन्होंने तुरंत डिस्चार्ज करने को कहा तो स्टाफ ने मना कर दिया। वे मिथलेश को एम्बुलेंस में दूसरे अस्पताल ले जाने लगे तो स्टाफ ने दो घंटे तक एम्बुलेंस को बाहर आने नहीं दिया। मिथलेश की भतीजी अपूर्वा ने बताया कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की,

लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की और पहले सीएमओ से शिकायत करने की बात की। करीब दो घंटे बाद एम्बुलेंस को बाहर जाने दिया गया। इसके बाद उन्होंने मिथलेश को होप हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उन्होंने सीएमओ आफिस में शिकायत की, लेकिन वहां से भी जगत हॉस्पिटल व डा. शैलेन्द्र शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

रीढ़ की हड्डी की चिकित्सकों ने की सफल सर्जरी

मेरठ: लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कालेज में शनिवार को मुजफ्फरनगर से आये स्पाईनल कोड इंजरी की समस्या से जूझ रहे मरीज की चिकित्सकों ने सफल सर्जरी की। सर्जरी के बाद मरीज के पूरी तरह स्वस्थ और हाथ व पैर सामान्य व्यक्ति की तरह काम करने की चिकित्सकों ने जानकारी दी। मेडिकल मीडिया प्रभारी डा.अरविंद ने बताया कि मुजफ्फरनगर के रहने वाला 62 वर्षीय इदरीश सिर व कमर पर भारी वस्तु गिरने से चोटिल हो गया था। इस वजह से उसे हाथों से काम करने और पैरो से चलने में उसे काफी परेशानी थी।

निजि अस्पतालों में इलाज के खर्च लाख रूपये का होने के चलते इदरीश के परिजन उन्हें मेडिकल कालेज में न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डा.अखिल प्रकाश शर्मा की ओपीडी में लाए थे। मशीनों से परीक्षण कराने पर आई जांच रिपोर्ट में इदरीश की गर्दन की पाचवी हड्डी व छठी हड्डी फिसल जाने की डाईग्नोसिस बनाई गई। जिसके कारण मरीज की सवाईकल कोड पर दवाव उत्पन्न हो गया। डा.अखिल प्रकाश शर्मा व उनकी टीम ने मरीज की सहमति लेने के बाद उसकी सर्वाइकल स्पाइनल कोर्ड इंजरी का आपरेशन किया। इस टीम में डा. वसीम अहमद व डा. रुपेश भी शामिल रहे।

मरीज की गर्दन को आगे से खोलकर दवाव करने वाली हड्डी एवं डिस्क को हटाया गया एवं प्लेट और स्क्रू से फिक्स किया गया। मरीज इदरीश आयुष्मान कार्ड धारक है और उसका आपरेशन बिना किसी खर्च के किया गया है। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता ने इस सफल आपरेशन के लिए डा. अखिल प्रकाश शर्मा व उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कालेज में सभी मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। गंभीर बीमारियों का बेहतर उपचार मेडिकल कालेज में करने को सभी चिकित्सक भी प्रतिबद्ध है।

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