- महंगाई नियंत्रण के लिए भी कोई संकेत देखने को नहीं मिले
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: केन्द्र की वित्तमंत्री निर्मला सीता रमन सिंह ने आम बजट को लोकसभा मे प्रस्तुत किया तो देश के सभी वर्गो के लोग बजट पर निगाह लगाए बैठे दिखाई दिए। आम आदमी को बजट से पहले काफी अपेक्षाएं सरकार से होती है।
इन अपेक्षाओं मे महिलाओं की अपेक्षा अपने रसोई के व घरेलू बजट के लिए विशेष रूप से होती है। इसी को लेकर नगर की महिलाओं ने जहां गृहणियों व मध्यम वर्ग के लिए कोई विशेष राहत नहीं मिलने पर निराशा व्यक्त की वहीं कहा कि मंहगाई नियंत्रण के लिए भी कोई संकेत नहीं मिले। कुछ महिलाओं ने बजट मे मंहगाई को रोकने के ठोस प्रावधान करने की अपेक्षा की थी जिसने उन्हें निराश किया। वहीं कुछ महिलाओं ने सवास्थ्य पर बजट के फोकस की सराहना की।
बजट में स्वास्थ्य पर फोकस करना लाभकारी: श्वेता अग्रवाल
नगर निवासी श्वेता अग्रवाल का कहना है कि वित्त मंत्री ने इस बार बजट में स्वास्थ्य पर फोकस पर सराहनीय कार्य किया है। वहीं कोरोना वैक्सीन के लिए बजट मे 35 हजार करोड़ का प्रावधान सही कदम है। वहीं उनका कहना है कि परिवहन साधनों को मजबूत करने से देश मे विकास होगा परंतु मोबाइल अब आवश्यकता बन गई उसको मंहगा कर दिया। खाने पीने की वस्तुओं व गैस के दाम सस्ते करने चाहिए थे परंतु उसके संकेत नहीं मिले मध्यम वर्ग के लिए नहीं सोचा गया।
महिलाओ व मध्यम वर्ग का ध्यान नहीं रखा: निशा अग्रवाल
नगर की समाज सेवी व गृहणि निशा अग्रवाल का कहना है कि आम बजट सामान्य है। देश के विकास के लिए भले ही बजट ठीक हो परंतु आम गृहणि के लिए उनकी मूलभूत आवश्यकताओं पर कोई विशेष ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि आज महिलाएं समाज मे स्वास्थ्य, रोजगार की समस्या से जूझ रही है। वहीं रोजगार के साधन भी महिलाओं के लिए खोले जाने की अपेक्षा थी परंतु बजट मे ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया। वहीं निशा अग्रवाल का कहना है कि बजट में वित्त मंत्री ने आयकर की सीमा नहीं बढ़ाई जो मध्यम वर्ग के लिए काफी बड़ी निराशा है।
संगठन में कार्यरत मजदूरों व श्रमिकों के लिए तो लाभकारी: बेगराज
दूध कारोबार से जुड़े श्रमिक बेगराज का कहना है कि बजट में उन सभी मजदूरों व श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए ईएसआई अनिवार्य करना तो उचित प्रावधान है परंतु फेरी लगाने वाले, फड़ वाले व असंगठित मजदूरों के लिए कोई प्रावधान नहीं है। खेतों में काम करने वाले मजदूरों के हितों पर कभी भी नहीं सोचा गया।
टैक्स स्लैब नहीं बढ़ाने से निराशा: नीलम माहेश्वरी
कम्प्यूटर आईटी सेवा से जुड़ी व समाज सेवी नीलम माहेश्वरी का कहना है कि पूरे बजट में देश के विकास को फोकस में रखकर प्रावधान किए गए है। मेट्रो सेवा मजबूत करने के लिए प्रावधान करने, स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए विदेशी उत्पाद मंहगे करने,स्वास्थ्य सेवाओं में 137 प्रतिशत अधिक का प्रावधान करने, रक्षा क्षेत्र में बजट बढ़ाने, बैकिंंग सेवाएं मजबूत करने के प्रावधान सराहनीय है परंतु आम आदमी के लिए बहिन कुछ राहत होनी चाहिए थी जैसे रोजमर्रा की वस्तुओं, राशन,रसोई गैस आदि सस्ते करने चाहिए थे। टैक्स स्लैब नहीं बढ़ाने से निराशा हुई।
दवाई सस्ती होनी चाहिए: पंकज वर्मा
नगर के मेडिकल स्टोर स्वामी पंकज वर्मा का कहना है कि बजट में स्वास्थ्य पर फोकस तो किया है परन्तु दवाईयों के सस्ते करने की कोई योजना नहीं रखी गयी। पंकज वर्मा का कहना है निजी चिकित्सकों की फीस पर भी अंकुश होना चाहिए।
बजट से मध्यम वर्ग निराश: रूबी
ब्यूटी पार्लर संचालिका रूबी माहेश्वरी का कहना है की बजट से मध्यमवर्ग के लोगों में निराशा हुई है उनका कहना है कि महिलाओं के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं रखा गया है हालांकि बजट में उज्जवला योजना के अंतर्गत 100 नए शहरों में एक करोड़ के लगभग गैस कनेक्शन देने की योजना सराहनीय कदम है लेकिन इसके अलावा खाद्य सामग्री व जरूरत की पशुओं को भी सस्ता किया जाना चाहिए था रूबी माहेश्वरी का कहना है कि महिलाओं के सौंदर्य संबंधी सामग्री को भी सस्ता किया जाना जरूरी था सोने चांदी को सस्ता करने का प्रावधान सराहनीय है

