- इस बार विधायक का ठेकेदार के करीबी बोर्ड के सदस्यों को जोर का झटका
- प्रशासन की सीईओ कैंट को चिट्ठी, पीडब्ल्यूडी की सड़क पर टोल वसूली को की ना
- कैंट विधायक बोले-मवाना रोड, रुड़की रोड व दिल्ली रोड से हर हाल में खत्म होगा टोल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड जल्द ही पीडब्ल्यूडी की सड़कों से अपना बारिया बिस्तर समेटेगा। इसका रस्ता भी साफ हो गया है। वहीं दूसरी ओर टोल के मुददे पर कैंट विधायक का यह ठेकेदार से दोस्ती निभाने वाले बोर्ड के सदस्यों के खिलाफ बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।
विधायक ने सत्यप्रकाश अग्रवाल ने जोर देकर कहा है कि हर हाल में तीन टोल नॉके बंद होेंगे। इस संबंध में शासन के मुख्य सचिव की फटकार के बाद पीडब्ल्यूडी के अधीशासी अभियंता ने भी एक पत्र सीईओ कैंट को भेजकर साफ बता दिया कि पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर टोल वसूली की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे पूर्व शासन के मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त से बात की थी।
विधायक ने बताया कि मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी से इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टोल के मुददे पर बुधवार को जो कुछ भी खुलासा हुआ है उससे एक बात तो साबित हो गयी कि बात राजनीति की हो या फिर युद्ध सीनियर हमेशा सीनियर ही रहता है। एंट्री फीस के नाम पर कैंट बोर्ड के ठेके को लेकर विवाद पहले ही दिन से शुरू हो गया था।
सांसद व विधायक भी इसके विरोध में थे, लेकिन बोर्ड में ठेकेदार के करीबियों के चलते कई बार सांसद व विधायक के प्रयासों पर पानी फिर गया। तब ऐसा लगा कि ठेकेदार के करीबी भाजपाई सदस्य लगातार गच्चा देने में कामयाब रहे हैं, लेकिन बुधवार को बाजी एकदम उलट गयी।
पीडब्ल्यूडी प्रशासन ने सीईओ कैंट को भेजे गए पत्र में दो टूक बता दिया कि वो अपनी सड़क पर टोल वसूली की अनुमति नहीं देगा। कैंट बोर्ड अपना बारिया बिस्तर समेट ले। हालांकि कैंट बोर्ड के लिए तकनीकि रूप से यह इतना आसान नजर नहीं आ रहा है। इसको मुश्किल करने काम भी बोर्ड ने ही किया।
एक अक्टूबर को री-टेंडर से मवाना रोड, रुड़की रोड व दिल्ली रोड के पाइंट भी इसमें शामिल कर लिए। जानकारों की मानें तो ठेकेदार की ऐसी मंशा अब कतई नहीं थी कि वह मवाना रोड, दिल्ली रोड व रुड़की रोड को ठेके में शामिल कराना चाहता हो, लेकिन बोर्ड की कारगुजारियों के चलते कुछ ऐसा ही हुआ।
मगर कैंट विधायक की पैरवी ने बोर्ड में ठेकेदार के करीबियों की कारगुजारियों पर न केवल पानी फेर दिया, बल्कि अब पीडब्ल्यूडी ने भी साफ कर दिया है कि उनकी सड़कों पर अब कैंट बोर्ड की टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी। वहां से अपना बोरिया बिस्तर बांध लिया जाए।
ये कहना कैंट विधायक का

कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आगामी बोर्ड बैठक जिसमें टोल के ठेके पर मुहर लगनी है, उसमें वह खुद शामिल रहेंगे। इस संबंध में जीओसी इन चीफ मध्य कमान लखनऊ के अलावा पीडब्ल्यूडी मंत्री से भी उन्होंने बात की है। सीएम के संज्ञान में भी यह मामला है। मवाना रोड, रुड़की रोड व दिल्ली रोड पर आम आदमी को जरूर राहत दिलाएंगे।
ये कहना है बीना वाधवा का
जनहित से ऊपर कुछ भी नहीं है। यदि किसी बात से असुविधा है तो उस संबंध में जनता की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। जनता सर्वोपरी है। तमाम कायदे कानून जनता से हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड जो भी निर्णय लें, उसमें जनहित और लोगों की नाराजगी व असुविधा का ध्यान जरूर रखा जाए।
ये कहना है मंजू गोयल का
वार्ड छह की सदस्य मंजू गोयल का कहना है कि संगठन का जो भी आदेश होगा उसके साथ वह पहले भी थीं और आगे भी रहेंगी। जहां तक निर्णय का सवाल है तो बोर्ड बैठक में क्या हालात बनते हैं कहा नहीं जा सकता।
ये कहना है प्रवक्ता का
कैंट प्रवक्ता आरएस तोमर का कहना है मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने तक कुछ भी बोलना उचित नहीं। वैसे भी इसके संबंध में निर्णय बोर्ड में ही लिया जाता है।
ये कहना है अधिशासी अभियंता का
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की जगह पर टोल वसूली की अनुमति नहीं है। इस संबंध में सीईओ कैंट को पत्र भेज दिया गया है। पीडब्ल्यूडी की सड़क से बोर्ड को सामान हटाना होगा।

