Wednesday, March 4, 2026
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Maharashtra News:..राज ठाकरे बोले – हम हिंदी भाषी राज्यों से आगे हैं, फिर मजबूरी क्यों?

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ उस वक्त देखने को मिला, जब दो दशकों बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ मंच साझा करते नज़र आए। ‘मराठी अस्मिता’ के मुद्दे पर आयोजित एक संयुक्त रैली में दोनों नेताओं ने गले मिलकर एकजुटता का संदेश दिया।

इस मौके पर राज ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा, “जो काम बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया – हमें फिर से साथ लाने का काम।” दरअसल, यह रैली महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के प्रस्तावों को रद्द किए जाने के बाद ‘मराठी मान’ के समर्थन में आयोजित की गई थी।

हम सभी हिंदी भाषी राज्यों से आगे

राज ठाकरे ने कहा, ‘मंत्री दादा भुसे मेरे पास आए और मुझसे उनकी बात सुनने का अनुरोध किया, मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी बात सुनूंगा, लेकिन मैं राजी नहीं होऊंगा। मैंने उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के लिए तीसरी भाषा क्या होगी। सभी हिंदी भाषी राज्य हमसे पीछे हैं और हम सभी हिंदी भाषी राज्यों से आगे हैं, फिर भी हमें हिंदी सीखने के लिए मजबूर किया जा रहा है। क्यों?’

‘हिंदी से कोई आपत्ति नहीं’

राज ठाकरे ने कहा, ‘मुझे हिंदी से कोई आपत्ति नहीं है, कोई भी भाषा बुरी नहीं होती। भाषा बनाने के लिए बहुत प्रयास करने पड़ते हैं। मराठा साम्राज्य के दौरान हम मराठी लोगों ने बहुत से राज्यों पर शासन किया, लेकिन हमने उन हिस्सों पर कभी मराठी नहीं थोपी। उन्होंने हम पर हिंदी थोपने का प्रयोग शुरू किया और यह परखने की कोशिश कर रहे थे कि अगर हम इसका विरोध नहीं करते तो वे मुंबई को महाराष्ट्र से अलग कर देते।’

दादा भुसे मराठी स्कूलों में पढ़े और मंत्री बने

राज ठाकरे ने कहा, ‘वे कहते हैं कि हमारे बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़े हैं। तो क्या हुआ? दादा भुसे मराठी स्कूलों में पढ़े और मंत्री बने। देवेंद्र फडणवीस अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़े और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। तो क्या हुआ? मैं आपको बता दूं कि मैंने मराठी स्कूल में पढ़ाई की है, लेकिन मेरे पिता श्रीकांत ठाकरे और चाचा बालासाहेब ठाकरे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़े थे। क्या कोई उनके मराठी प्रेम पर सवाल उठा सकता है? कल मैं हिब्रू भी सीखूंगा। क्या कोई मेरे मराठी गर्व पर सवाल उठाएगा?’

मराठी नहीं बोलता तो उसे पीटने की जरूरत नहीं

राज ठाकरे ने कहा, ‘चाहे गुजराती हो या कोई और, उसे मराठी आनी चाहिए, लेकिन अगर कोई मराठी नहीं बोलता तो उसे पीटने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर कोई बेकार का ड्रामा करता है तो आपको उसके कान के नीचे मारना चाहिए। मैं आपको एक और बात बताता हूं, अगर आप किसी को पीटते हैं, तो घटना का वीडियो न बनाएं। पीटे गए व्यक्ति को बताएं कि उसे पीटा गया है, आपको हर किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि आपने किसी को पीटा है।

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