- कर्मचारी भी आए जुर्माने की जद में, जून में हुआ था हादसा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परतापुर फ्लाईओवर के ऊपर पिलर का फाउंडेशन तैयार करते समय हुए हादसे की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में दोषी पाए गए कॉन्ट्रेक्टर एवंं कर्मचारियों पर हांलाकि एनसीआरटीसी ने जुर्माना लगाया है, लेकिन सवाल यह है कि एनसीआरटीसी ने जांच रिपोर्ट मीडिया में खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की है।
गत दिनों परतापुर फ्लाईओवर पर यह हादसा हुआ था जिसमें कई परिवार बाल-बाल बच गए थे। इस घटना के बाद एनसीआरटीसी ने एक जांच कमेटी भी गठित की थी जिसने जांच के बाद रिपोर्ट एनसीआरटीसी को सौंप दी गई। हालांकि बीच बीच में जांच रिपोर्ट के परिणाम को लेकर मीडिया में भी चर्चा हुई, लेकिन जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। बुधवार को जब इस रिपोर्ट के बारे में एनसीआरटीसी से सवाल किया गया तब जाकर बताया गया कि जांच एक्सपर्ट कमेटी द्वारा जांच एक माह पूर्व ही पूरी कर ली गई थी और इसी के आधार पर कॉन्ट्रेक्टर व संबधित कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया गया।
यहां सवाल यह है कि इस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उधर, दूसरी ओर एनसीआरटीसी का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार के हादसे न हों इसके लिए विशेष रणनीति तय की गई है। एनसीआरटीसी के अनुसार निर्माण स्थलों पर सुरक्षा हमेशा से ही उनकी प्राथमिकता रही है और इसे सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का यह भी कहना है कि दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर जहां जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं वहां पर विशेष सर्तकता बरती जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यहां एनसीआरटीसी अपने स्तर से मॉनिटिरिंग भी कर रहा है। यहां एलएंडटी कम्पनी को यह कार्य सौंपा गया था।

