जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: सरकुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को (रिफरेंस बुक आन स्ट्रैटेजीज टू कंट्रोल कोविड-19 पेंडेमिक एंड रिवर्सल इट्स इफ़ेक्ट) नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। विश्वव्यापी कोविड-19 के परिवेश में इस महामारी से संबंधित विभिन्न पहलूओं को जानने के लिए तथा इनको जिज्ञासु लोगों तक पहुंचाने के लिए एक संदर्भ बुक के रूप में लाने का विचार किया। उच्च शिक्षा से जुड़े हुए विभिन्न विद्वान साथियों ने इस महामारी के विभिन्न तथा अलग-अलग पहलूओं पर अपने ज्ञान तथा अनुभवों साझा किये।
जिनको डॉ आई डी शर्मा सहायक आचार्य (भौतिक विज्ञान विभाग) तथा कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वितीय चौधरी छोटू राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुजफ्फरनगर ने एक संदर्भ बुक (रिफरेंस बुक आन स्ट्रैटेजीज टू कंट्रोल कोविड-19 पेंडेमिक एंड रिवर्सल इट्स इफ़ेक्ट) के रूप में मूर्त रूप दिया है। इस संदर्भ बुक में कोविड-19 जैसी महामारी के फैलने के कारण उनको रोकने के उपाय ऐसी महामारी के बाद में उठाए जाने वाले उपचारात्मक कदमों का विस्तृत वर्णन है।
इस पुस्तक में मेरठ मेडिकल कॉलेज के जाने-माने फिजिशियन प्रोफेसर डॉ तुगवीर सिंह आर्य, बाल रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर अमित गर्ग, माइक्रोबायोलॉजी में एपिडेमियोलॉजी संबंधी पंतनगर की प्रोफेसर डॉ अनीता शर्मा, बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ गोपाल नाथ, सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ की प्रति कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ वाई विमला, एग्रीकल्चर डीन प्रोफेसर डॉ गौरव कुमार, एनआईटी जालंधर के रसायन विज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ बी एस कैथ , सीजीसीआरआई के पूर्व डायरेक्टर एलके शर्मा, राष्ट्रीय भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला दिल्ली के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ के के सैनी, मानसिक स्वास्थ संबंधी गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार के प्रोफेसर डॉ संदीप कुमार, उत्तरांचल राज्य विश्वविद्यालय से प्रोफेसर डॉ राजकुमार त्यागी, जम्मू यूनिवर्सिटी से डॉ रितु महाजन ने इस संदर्भ बुक के लिए अपने चैप्टर उपलब्ध कराएं हैं। इस संदर्भ बुक में कोविड-19 जैसी विश्वव्यापी महामारियों के कारण किसी देश के चिकित्सा क्षेत्रों ,रोजगार के क्षेत्रों, शैक्षिक तथा आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत वर्णन किया गया है।

